नवजोत सिद्धू ने कैप्टन पर साधा निशाना।
- फोटो : फाइल फोटो
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ सुलह के सारे प्रयास विफल हो जाने के बाद सार्वजनिक मंचों पर लौटे विधायक नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब सरकार पर अप्रत्यक्ष सियासी हमले तेज कर दिए हैं। बुधवार को उन्होंने अपने टि्वटर अकाउंट प्रोफाइल से कांग्रेस का नाम हटाया और उसके बाद कोटकपूरा व बहिबल कलां फायरिंग मामले में एसआईटी की जांच रद्द हो जाने के मामले में नाम लिए बिना कैप्टन पर सियासी हमला बोला।
सिद्धू ने ट्वीट किया - हम तो डूबेंगे सनम, तुम्हें भी ले डूबेंगे। उन्होंने आगे लिखा कि यह सरकार या पार्टी की नाकामी नहीं है बल्कि एक आदमी है, जिसने दोषियों से हाथ मिला रखा है। उल्लेखनीय है कि ऐसे ही आरोप प्रदेश में विपक्ष के नेता लगा रहे हैं कि कैप्टन और बादल के बीच फ्रेंडली मैच के कारण एसआईटी की रिपोर्ट हाईकोर्ट में रद्द हुई।
हालांकि सिद्धू ने अपने ट्वीट में उस एक आदमी का नाम नहीं लिया, जिसने कोटकपूरा गोलीकांड के दोषियों के साथ हाथ मिला रखा है, लेकिन सिद्धू का यह ट्वीट ऐसे समय पर आया है जब एसआईटी के प्रमुख सदस्य रहे आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अपना इस्तीफा मंजूर हो जाने के बाद खुलासा किया कि राज्य सरकार के निर्देश के बावजूद कोटकपूरा गोलीकांड जैसे संवेदनशील मुद्दे पर भी एजी अतुल नंदा एक बार भी हाईकोर्ट में पेश नहीं हुए। बल्कि जब भी इस मामले की तारीख होती थी, उससे पहले ही एजी मेडिकल छुट्टी पर चले जाते थे। जब हाईकोर्ट ने एसआईटी की जांच रिपोर्ट को रद्द कर दिया तो इस फैसले की जानकारी देते हुए एजी बहुत खुश नजर आ रहे थे।
नवजोत सिद्धू की हाल ही बढ़ी सक्रियता के कई मायने निकाले जा रहे हैं। वह अब कैप्टन अमरिंदर सिंह को सीधे निशाने पर न लेते हुए अप्रत्यक्ष रूप से कैप्टन सरकार की नाकामियों को उजागर करने का कोई मौका नहीं चूक रहे। पहले उन्होंने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए कैप्टन सरकार पर सवाल खड़े किए और अब कोटकपूरा मामले में एसआईटी की रिपोर्ट रद्द होने के बारे में तीखा हमला किया है।
ताजा ट्वीट से प्रतीत हो रहा है कि पंजाब कांग्रेस में हाशिए पर जा चुके पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिद्धू भी राजनीति के कूटनीतिक तिकड़म जान गए हैं। 2017 के चुनाव और उसके बाद 2019 तक कैप्टन से सीधे टकराते रहे सिद्धू करीब पौने दो साल बाद सार्वजनिक मंचों पर मुखर तो होने लगे हैं, लेकिन इस बार वे अपने विरोधियों और प्रतिद्वंद्वियों का नाम लिए बिना हमले कर रहे हैं।