धरने पर बैठे नवजोत सिंह सिद्धू।
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पंजाब की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को घेरने की कमान अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने संभाल ली है। सिद्धू दिल्ली में आंदोलनरत गेस्ट टीचरों के समर्थन में रविवार को केजरीवाल के आवास के बाहर धरना देने पहुंचे। धरने पर बैठे सिद्धू ने दिल्ली सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
उन्होंने पूछा कि कहां हैं केजरीवाल। दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को उन्होंने ऊंची दुकान, फीका पकवान बताया। सिद्धू ने धरने के बाद ट्वीट कर दिल्ली सरकार पर निशाना साधा। सिद्धू ने लिखा है कि आप ने 2015 में हुए अपने चुनावी घोषणा पत्र में आठ लाख नौकरियां और 20 नए कॉलेज खोलने का वादा किया था लेकिन अभी तक सिर्फ 440 लोगों को ही नौकरियां दी गई हैं।
उन्होंने कहा है कि पंजाब में 2022 में होने वाले चुनाव के मद्देनजर केजरीवाल गारंटी दे रहे हैं लेकिन अब उन्हीं की घंटियां बज गई हैं। रोजगार को लेकर हालात इतने खराब हैं कि पिछले कुछ वर्षों में यहां बेरोजगारों की संख्या पांच गुना बढ़ चुकी है। अभी दिल्ली सरकार ठेके के गेस्ट टीचरों से काम चला रही है।
सिद्धू ने ट्वीट कर लिखा है कि दिल्ली में अभी 1031 स्कूल हैं। इन्हें संचालित करने के लिए सिर्फ 196 मुख्य अध्यापक हैं, जबकि 835 स्कूल बिना मुख्य अध्यापकों के संचालित हो रहे हैं। सिद्धू ने कहा कि पंजाब की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाले अरविंद केजरीवाल खुद दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को ठेके पर चला रहे हैं।
शिक्षकों को आठ गारंटी से शुरू हुआ विवाद
पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठे विवाद की शुरूआत अरविंद केजरीवाल के की ओर से शिक्षकों को आठ गारंटी देने के साथ हुई। इसके बाद दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने भी पंजाब की शिक्षा को लेकर सवाल खड़े किए। जिस पर पंजाब के शिक्षा मंत्री परगट सिंह ने आप के दोनों नेताओं का विरोध किया और दिल्ली-पंजाब के 250 स्कूलों को लेकर चर्चा की चुनौती दी। इसके बाद लगातार आप और कांग्रेस शिक्षा व्यवस्था को लेकर आमने-सामने हैं।