अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू गुरुवार को बैकफुट पर नजर आए। मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर दिए गए बयान पर सिद्धू ने स्पष्ट किया कि वह चुनाव किसी पद के लिए नहीं लड़ रहे हैं। उनकी लड़ाई राज्य के उन शरारती नेताओं से है, जो पंजाब को मिटाने वाले माफिया को संचालित कर रहे हैं। श्री दरबार साहिब में हुई बेअदबी की घटना पर सिद्धू ने अपनी ही सरकार पर हमला करते हुए कहा कि गुरु साहिब को न्याय नहीं मिला है। सिद्धू ने एक बार फिर अपनी जिम्मेदारी को छोड़ने की बात कही।
सिद्धू ने कहा कि मेरी लड़ाई माफिया व्यवस्था को बदलने की है, जिसने पंजाब को दीमक की तरह मिटा दिया है। लड़ाई इस व्यवस्था को बदलने की है। सिद्धू ने ट्वीट कर अमृतसर में श्री दरबार साहिब में कथित बेअदबी के प्रयास का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाली अपनी ही सरकार की आलोचना की।
उन्होंने आरोप लगाया कि हमारे गुरु साहिब को न्याय नहीं दिया गया। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को ड्रग्स मामले में अंतरिम जमानत मिलने पर चन्नी सरकार पर एक और कटाक्ष करते हुए सिद्धू ने कहा कि इस प्रणाली को ध्वस्त करने की आवश्यकता है, जो नशीली दवाओं के व्यापार में शामिल बड़ी मछलियों को दंडित नहीं कर सकती।
फिर दी पद छोड़ने की धमकी
सिद्धू ने राज्य कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की फिर धमकी दी। उन्होंने कहा कि जो व्यवस्था हमारे गुरु साहिब को न्याय नहीं दे सकती, नशीले पदार्थों के व्यापार में शामिल बड़ी मछलियों को दंडित नहीं कर सकती, उसे खत्म कर देना चाहिए। यदि इस व्यवस्था में बदलाव नहीं किया गया तो वह अपनी जिम्मेदारियों को छोड़ देंगे।