नवजोत सिंह सिद्धू की मांग से कुच दिन पहले ही दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने चंडीगढ़ में एक प्रेसवार्ता की थी। इसमें केजरीवाल ने एलान किया था कि अगर पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी तो प्रत्येक घर में 300 यूनिट बिजली मुफ्त और 24 घंटे आपूर्ति की जाएगी।
निशाने पर पिछली सरकार
सिद्धू ने एक और ट्वीट किया कि आइए हम कांग्रेस हाईकमान के लोक हितैषी 18 प्वाइंट एजेंडा से शुरू करें और 'पंजाब विधानसभा में नए विधान' के माध्यम से बिना किसी निश्चित शुल्क के नेशनल पावर एक्सचेंज के अनुसार दरें तय करके बादल-हस्ताक्षरित बिजली खरीद समझौतों से छुटकारा पाएं!
बादल सरकार द्वारा निजी कंपनियों के साथ किए समझौतों को जनहित के खिलाफ बताते हुए सिद्धू ने निशाना साधा। उन्होंने लिखा- बादल सरकार ने पंजाब में तीन निजी थर्मल प्लांटों के साथ पीपीए पर हस्ताक्षर किए। इसकी वजह से पंजाब 2020 तक 5400 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुका है।
आगे भी 65 हजार करोड़ रुपये का भुगतान फिक्स चार्ज के तौर पर किया जाएगा, जबकि पंजाब नेशनल ग्रिड से काफी सस्ती दरों में बिजली खरीद सकता है। सिद्धू ने लिखा- कानूनी संरक्षण होने के कारण पंजाब इन पीपीए पर फिर से बातचीत नहीं कर सकता है लेकिन पंजाब विधानसभा किसी भी समय नेशनल पावर एक्सचेंज पर उपलब्ध कीमतों पर बिजली खरीद लागत के लिए नया कानून ला सकती है। कानून में संशोधन करने से ये समझौते खत्म हो जाएंगे।