पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने आम आदमी पार्टी (आप) की ओर से चलाए गए ‘जनता चुनेगी अपना सीएम’ के खिलाफ भारतीय चुनाव आयोग से शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि फोन कॉल और सोशल मीडिया के जरिये अपने मुख्यमंत्री चेहरे का एलान किए जाने के लिए आप की ओर से अभियान चलाया गया जो कि पूरी तरह फर्जी है और मामूली समय के इस अभियान में जितने फोन कॉल का हवाला दिया गया है, वह भी व्यवहार्य नहीं है।
सिद्धू ने चुनाव आयोग को लिखे पत्र में कहा कि आप की ओर से यह प्रचारित किया जा रहा है कि उन्होंने भगवंत मान को लोगों की टेलीफोन कॉल के माध्यम से किए गए सर्वेक्षण के आधार पर अपना मुख्यमंत्री चेहरा चुना है। उन्होंने पत्र में आगे लिखा कि आप की ओर से अपने सर्वेक्षण में जो आंकड़े पेश किए हैं, वे किसी भी तरह तार्किक नहीं हैं।
प्रथम दृष्टया इस सर्वेक्षण में प्रस्तुत कुल 21,59,475 टेलीफोन कॉल, वॉयस मैसेज, व्हाट्सएप संदेश केवल चार दिन के भीतर पहुंचने की बात गणितीय रूप से तार्किक नहीं है। सिद्धू ने लिखा कि यह संभव है कि आप ने ‘जनता चुनेगी अपना सीएम’ नामक अभियान के प्रकाशन से पहले कोई विज्ञापन प्रमाण पत्र प्राप्त न किया हो, क्योंकि एमसीएमसी (मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति) सभी तथ्यों के सत्यापन से पहले किसी को कोई प्रमाण पत्र जारी नहीं करती है।
उन्होंने पत्र में यह भी अनुरोध किया कि चुनाव आयोग को यह सत्यापित करने के प्रति सजग होना चाहिए कि क्या आप की ओर से विज्ञापन देने के लिए एमसीएमसी प्रमाण पत्र प्राप्त किया या नहीं। यदि नहीं तो यह भारत के सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना के बराबर है। सिद्धू ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा आम आदमी पार्टी को तुरंत अपने इस अभियान को बंद करने का निर्देश देना चाहिए और आप द्वारा अब तक किए सभी दावों को सार्वजनिक रूप से वापस लिया जाना चाहिए।
पत्र में उन्होंने लिखा कि प्रत्येक राजनीतिक दल को आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद किसी विशेष अभियान पर खर्च होने वाले अनुमानित खर्च का ब्योरा देना भी अनिवार्य है। चुनाव आयोग आप और इसके राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत आपराधिक मामले दर्ज करे।