कैप्टन अमरिंदर सिंह, नवजोत सिंह सिद्धू।
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पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने कैप्टन सरकार द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में बुलाए गए एक दिवसीय विशेष सत्र पर सवाल खड़ा कर दिया है। सिद्धू ने कैप्टन अमरिंदर सिंह पर ट्विटर पर तंज कसते हुए लिखा कि प्रकाशोत्सव को समर्पित एक दिन के सत्र की वह तारीफ करते हैं लेकिन मुख्यमंत्री को सरबत के भले की विचारधारा को नहीं भूलना चाहिए। सबका भला करने वाले मुद्दे हल किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि महंगे बिजली समझौते रद्द करने के लिए सरकार कानून लाए।
सिद्धू ने बिजली का मुद्दा उठाते हुए लिखा कि पंजाब सरकार राज्य बिजली नियामक आयोग को आदेश जारी करे कि वह बिजली एक्ट- 2003 के तहत न्यूनतम दर पर बिजली की खरीद करे। इससे पंजाब सरकार को सीधे 50 हजार करोड़ रुपये की बचत होगी। वहीं, लोगों को तत्काल डेढ़ से 2 रुपये सस्ती बिजली मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि सिद्धू ने इससे पहले निजी कंपनियों से किए बिजली समझौते रद्द करने और महंगी बिजली खरीदने के लिए निजी थर्मल प्लांटों को दिए जा रहे फिक्स्ड चार्ज की अदायगी तुरंत बंद करने का मुद्दा उठाया था। सिद्धू ने कैप्टन को एसवाईएल नहर के टर्मिनेशन कानून की याद दिलाते हुए लिखा कि उसी तरह का सख्त कदम उठाते हुए सरकार ट्रांसमिशन ऑफ पीपीए एक्ट लाकर गलत बिजली समझौते सिरे से रद्द करें।
तो सभी वर्गों को दी जा सकेगी 300 यूनिट मुफ्त बिजली: सिद्धू
सिद्धू ने लिखा है कि इस समय पंजाब में मुद्दों को भटकाने का सीजन चल रहा है लेकिन उनकी कोशिश है कि पंजाबियों को वापस मुद्दों पर लाया जाए। उन्होंने लिखा कि अगर ऐसा हो जाता है तो न सिर्फ एससी-ओबीसी, बीपीएल और फ्रीडम फाइटर्स को 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा सकेगी बल्कि जनरल वर्ग के लोगों को भी यह सुविधा मुहैया कराई जा सकेगी। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को 3 रुपये प्रति यूनिट और औद्योगिक उपभोक्ताओं को 5 रुपये यूनिट बिजली देने का सपना भी साकार हो जाएगा। एक अन्य महत्वपूर्ण मांग उठाते हुए सिद्धू ने लिखा कि पंजाब सरकार उन सभी लोगों के बिल माफ करे, जिन्हें बिना कारण ज्यादा बिल भेजे गए हैं।