ग्यासपुुरा में पीड़ितों से मिलते अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग।
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लुधियाना के ग्यासपुरा में जहरीली गैस रिसाव से 11 लोगों की मौत के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने मीडिया रिपोर्टों के आधार पर स्वत: संज्ञान लिया है। ग्यासपुरा में जहरीली गैस रिसाव मामले की जांच के लिए सरकार ने पंजाब पुलिस के पांच सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।
मंगलवार को पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग भी ग्यासपुरा पहुंचे और प्रभावितों से मुलाकात की। उनके साथ पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु भी थे।
हादसे में परिवार के तीन लोगों को गंवाने वाले गौरव गोयल व अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि साल भर से घरेलू सीवरेज लाइन में उद्योगों का केमिकल अपशिष्ट डाला जा रहा था। कई बार शिकायत भी की लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
लुधियाना के पुलिस कमिश्नर मंदीप सिद्धू ने सोमवार को कहा कि घरेलू सीवरेज लाइनों में उद्योगों का केमिकल अपशिष्ट पहले भी डाला जाता रहा है। इसके बारे में पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) के कर्मचारियों को भी पता है। हम जांच कर रहे हैं। अगर कहीं, पीपीसीबी के कर्मचारियों की गलती सामने आई या फिर उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। नोडल एजेंसी के पास पूरा डाटा है। 11 लोगों की मौत के जिम्मेदार लोगों को किसी भी हाल में बक्शा नहीं जाएगा। उनके परिवारों को इंसाफ दिलाया जाएगा। मंदीप सिद्धू घटना के दूसरे दिन डिप्टी कमिश्नर सुरभि मलिक के साथ इलाके का दौरा करने पहुंचे थे। जांच के लिए सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं।
डीसीपी हुंदल के नेतृत्व में एसआईटी
एसआईटी के प्रमुख डीसीपी हरमीत हुंदल होंगे। इसमें एडीसीपी-2 सुहेल मीर, एडीसीपी-4 तुषार गुप्ता, एसीपी साउथ और थाना साहनेवाल के एसएचओ इंद्रजीत सिंह बोपाराय भी शामिल होंगे। टीम जल्द ही पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट देगी। इसके बाद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी, चाहे वो कोई भी हो।