जिस बेटे को जिंदगी में कामयाब बनाने के लिए बाप ने नशे का धंधा शुरू किया था, वही बेटा नशे की लत से मारा गया।
बुधवार शाम पंजाब कला भवन में सुर सांझ कल्चरल सोसाइटी द्वारा नाटक सौदागर का मंचन किया गया। नाटक का निर्देशन किया जरनैल होशियारपुरी ने।
नाटक की कहानी बाप और बेटे के बीच में घूमती है। सौदागर गांव का सबसे अमीर और रसूख वाला इंसान है। सौदागर का बेटा पढ़ाई में बहुत होशियार होता है, जिससे खुश होकर सौदागर उसे शहर में पढ़ने भेज देता है।
सौदागर अपने बेटे से छुप कर ड्रग्स का धंधा भी करता है, जिससे वह काफी धन कमाता है। एक दिन उसका अपना बेटा ही नशे की लत में फंस जाता है और अंत में उसकी मौत हो जाती है। सौदागर अपने बेटे की मौत के सदमे में पागल हो जाता है।