देश के अगले प्रधानमंत्री बनने जा रहे नरेंद्र मोदी चंडीगढ़ के लिए लकी साबित हुए हैं। मोदी वर्ष 1996 से 1999 तक चंडीगढ़ के साथ पंजाब, हरियाणा और हिमाचल के प्रभारी रहे थे और मोदी के नेतृत्व में ही भाजपा ने चंडीगढ़ से पहली बार 1996 और फिर 1998 में लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की थी।
इन दोनों वर्षों में भाजपा के उम्मीदवार सत्यपाल जैन जीते थे। इसके बाद अब मोदी 29 मार्च को भाजपा की उम्मीदवार के लिए वोट मांगने चंडीगढ़ आए थे और उन्होंने सेक्टर-34 में विशाल रैली को संबोधित किया था। नतीजा यह रहा कि किरण खेर ने जीत हासिल की।
चंडीगढ़ में मोदी का प्रचार करना ही जीत का संकेत
भाजपा के नेताओं का कहना है कि मोदी चंडीगढ़ के लिए कितने लकी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मोदी ने जब भी चंडीगढ़ के भाजपा उम्मीदवार के लिए प्रचार किया, वह चुनाव जरूर जीता।
मोदी जब चंडीगढ़ के प्रभारी थे तभी चंडीगढ़ में 1996 में हुए नगर निगम चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर कर दिया था।
मोदी का चंडीगढ़ कनेक्शन
नरेंद्र मोदी का चंडीगढ़ से पुराना नाता रहा है। सेक्टर-34 में आयोजित रैली में मोदी ने खुद कहा था कि वह चंडीगढ़ में जिए हैं और इस शहर को जानते हैं।
मोदी ने कहा था कि गुजरात छोड़कर अगर इस शहर में कुछ समय भाजपा के प्रभारी के नाते न काम किया होता तो मेरी शिक्षा-दीक्षा अधूरी रह जाती। वह पंचकूला में रहे भी हैं।
लोगों को उम्मीद शहर का होगा विकास
मोदी ने इस रैली के दौरान चंडीगढ़ को लेकर अपने सपने भी बताए थे। मोदी ने रैली में कहा था कि जब वह चंडीगढ़ आते थे तो यह महसूस करते थे कि इस शहर का विकास नहीं हो रहा है। चंडीगढ़ को शिक्षा का हब बनाया जा सकता है।
यहां आईआईटी, आईआईएम या एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान खुलने चाहिए लेकिन चंडीगढ़ के बारे में सोचने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा था कि वह शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाएंगे। चंडीगढ़ में पर्यटन की भी आपार संभावनाएं हैं।
इस शहर में पर्यटन को बढ़ावा देकर युवाओं को रोजगार दिया जा सकता है। लेकिन, ऐसा नहीं हो रहा है। ऐसे में अब उनकी जीत से लोगों को उम्मीद है कि चंडीगढ़ का विकास होगा।
मोदी की इच्छा हुई पूरी
चंडीगढ़ में रैली के दौरान नरेंद्र मोदी ने कहा था कि देश के लोग चाहे उन्हें जिताकर प्रधानमंत्री बना दें, लेकिन चंडीगढ़ में कमल के बिना उन्हें यह विजय अधूरी लगेगी। इसलिए चंडीगढ़ में भी कमल खिलना चाहिए। मोदी की यह इच्छा पूरी हुई।
एमसीएम कॉलेज में आए थे मोदी
अप्रैल, 2000 में एमसीएम डीएवी कॉलेज फॉर वुमन के दीक्षांत समारोह में तत्कालीन गृह मंत्री लाल कृष्ण आडवाणी मुख्य अतिथि थे। उस समय मोदी भी भाजपा के कुछ अन्य नेताओं के साथ कॉलेज आए थे। लेकिन, तब किसी का भी ध्यान मोदी पर नहीं गया था।