कैथल। कैथल में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा बेशक पूरी तरह से सरकारी हो, लेकिन कहीं न कहीं इसके पीछे प्रदेश विधानसभा चुनाव में ‘ब्रैंड मोदी’ के जरिये भाजपा की नैया पार लगाने की कवायद छिपी है।
रैली स्थल पर भारतीय जनता पार्टी का न तो कोई झंडा होगा और न ही कोई बैनर। पूरे आयोजन की तैयारियां एनएचएआई एवं हरियाणा सरकार द्वारा की जा रही हैं। मंच पर प्रधानमंत्री के साथ-साथ हरियाणा के सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, मंत्री रणदीप सुरजेवाला भी मौजूद रहेंगे।
ऐसे में कार्यक्रम सरकारी है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी नमो के प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार हरियाणा आगमन का पूरा फायदा उठाना चाहती है। सभा में अधिक से अधिक भीड़ जुटाकर भाजपा कहीं न कहीं अपना राजनीतिक दबदबा बताना चाहती है।
लोस चुनाव से पहले कुरुक्षेत्र में मोदी ने की थी रैली
लोकसभा चुनाव में मोदी के कुरुक्षेत्र में आगमन से आसपास की सीटों पर भी असर हुआ था। यही वजह थी कि करनाल से पहली बार चुनाव लड़े अश्वनी चोपड़ा की कांग्रेस के मजबूत प्रत्याशी पर जीत हासिल हुई थी। अब की बार सरकारी कार्यक्रम के जरिये मोदी को सुनने के लिए भीड़ जुटाकर भाजपा एक तीर से कई निशाने साध लेगी।
मोदी इस कद्र वाकचातुर्य रखते हैं कि सरकारी मंच से भी लोगों को अपने व पार्टी के पक्ष में कर सकते हैं। इतना ही नहीं आजकल में भाजपाई बने टिकट के दावेदारों को भी क्षमता दिखाने का अवसर मिला है। इसीलिए वे भी कार्यक्रम में भीड़ जुटाने की जुगत में लगे हैं। केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर सहित प्रदेश भाजपा इस कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटी हुई है।
सभा के लिए कैथल का चयन विशेष रणनीति का हिस्सा
प्रधानमंत्री के हाथों राष्ट्रीय राजमार्ग का शिलान्यास करवाना भाजपा की एक विशेष रणनीति का हिस्सा है। क्योंकि जिस सड़क मार्ग के निर्माण कार्य का शिलान्यास करने के लिए पीएम कैथल आ रहे हैं, वह परियोजना यूपीए सरकार में वर्ष 2011 में बनी थी। इसे वर्ष 2012 में केंद्र से मंजूरी मिल गई थी। पता चला है कि यह निर्माण कैथल हलका के बजाये कलायत में आने वाले तितरम मोड़ से शुरू होगा।
इसके बावजूद कार्यक्रम शहर में रखना कैथल विधानसभा सीट सहित आसपास की सीटों को लेकर भाजपा की विशेष रणनीति का हिस्सा है। इस मार्ग के लिए कैथल जिले में आने वाले भूमि को एनएचएआई एक्ट की धारा 3डी के तहत 23 जनवरी 2014 तक, जींद की 3ए के तहत 29 जुलाई 2013 तक हिसार जिले की आने वाली भूमि को 3ए के तहत 4 जून 2013 तक तथा भिवानी जिले की भूमि अधिग्रहण के लिए धारा 3ए की प्रक्रिया नौ जुलाई 2013 तक पूरी कर ली गई थी।
इस तरह से करीब 718.66 हेक्टेयर भूमि को 3ए धारा के तहत अधिग्रहण प्रक्रिया पहले ही पूरी हो गई थी। पीएम के कैथल आने से कैथल विधानसभा भी पूरी तरह से हॉट सीट बन गई है। कांग्रेस के कद्दावर नेता रणदीप सुरजेवाला यहां से विधायक एवं मंत्री हैं। ऐसे में भाजपा की रैली यहां क्या नए राजनीतिक समीकरण बनाएगी यह मंगलवार को पीएम के कार्यक्रम के बाद पता चल सकेगा।