-मुख्यमंत्री ने की अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक
-पौधों की ड्रोन से नियमित मैपिंग के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार जल्द ही वन-मित्र स्कीम के तहत वन-मित्रों की भर्ती करने जा रही है। इसके लिए बाकायदा वन मित्रों को मानदेय दिया जाएगा। पौधरोपण अभियान की निगरानी के लिए ड्रोन से नियमित मैपिंग की जाएगी। वहीं, वन भूमि पर आग लगने पर बुझाने में देरी होने पर फोरेस्ट गार्ड से लेकर उच्चाधिकारी तक की जिम्मेदारी तय की जाएगी। अगर किसी की लापरवाही मिली तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह निर्देश मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वन विभाग के अधिकारियों को दिए। सीएम रविवार को चंडीगढ़ सचिवालय में वन एवं वन्य जीव विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने प्राण वायु देवता स्कीम के ब्रॉशर का विमोचन भी किया। बैठक में पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव राज्यमंत्री संजय सिंह भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन क्षेत्र से अवैध कटाई को कतई सहन नहीं किया जाएगा, अगर इसमें किसी कर्मचारी की सहभागिता पाई गई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रति वर्ष वन विभाग द्वारा बरसात के मौसम में चलाए जाने वाले पौधरोपण अभियान की विस्तार से समीक्षा की।
मुख्यमंत्री नायब सिंह ने जंगलों में होने वाली आगजनी की घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से जीव-जंतु तो मरते ही हैं, करोड़ों रुपये की लकड़ी का नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि अगर आगजनी की घटना होने पर आग बुझाने में अनावश्यक देरी हुई तो वन विभाग के फारेस्ट गॉर्ड से लेकर जिला स्तर तक के अधिकारी नपेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कलेसर, सुल्तानपुर जैसे नेशनल पार्क और अन्य गहरे जंगलों में नहरों या ट्यूबवेलों से पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।
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पौधरोपण के लिए 150 करोड़ आवंटित
इस वर्ष 2024-25 में 150 करोड़ रुपये का बजट पौधरोपण के लिए आवंटित किया गया है, जबकि हर्बल पार्क के लिए 10 करोड़ खर्च किए जाएंगे। प्राण वायु देवता योजना के तहत अभी तक 3819 पौधों की पहचान की गई है। इस अवसर पर पर्यावरण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद मोहन शरण, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार भारत भूषण भारती व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।