चंडीगढ़वासियों को मिलने वाला पानी इस साल महंगा हो सकता है। नगर निगम ने पानी के रेट बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। मेयर की मंजूरी के बाद यह प्रस्ताव 26 जून को होने वाली नगर निगम की वित्त एवं अनुबंध कमेटी की बैठक में रखा जाएगा। कमिश्नर के निर्देश पर जनस्वास्थ्य विभाग ने पानी का रेट बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है क्योंकि नगर निगम को हर साल शहरवासियों को पानी की सप्लाई से 70 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। प्रस्ताव तैयार करने के लिए पंचकूला और मोहाली में चार्ज होने वाले रेट को भी स्टडी किया गया है।
नगर निगम के इंजीनियरिंग विंग के अनुसार अगर प्रस्ताव के अनुसार बढ़े हुए रेट की मंजूरी मिल जाती है तब भी 35 करोड़ रुपये का घाटा ही पूरा हो पाएगा जबकि नगर निगम का हर साल पानी की सप्लाई करने पर 135 करोड़ रुपये का खर्चा आ रहा है। इससे पहले पिछले साल मार्च 2017 में पानी का रेट बढ़ाने का प्रस्ताव नगर निगम की सदन में आ चुका है लेकिन सदन इस प्रस्ताव को यह कहकर स्थगित कर चुका है कि जब तक 24 घंटे पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो जाती तब तक रेट नहीं बढ़ाए जाने चाहिए।
पहले चुनावी साल होने के कारण मेयर देवेश मोदगिल इस प्रस्ताव को सदन में लाने के लिए तैयार नहीं थे लेकिन नगर निगम की वित्तीय हालत और प्रशासन के दबाव के कारण वह इस प्रस्ताव पर चर्चा करने को तैयार हो गए हैं। मालूम हो कि पिछले साल ही शहर में पेड पार्किंग के रेट बढ़ाया गया है। शहर में सवा लाख पानी के कनेक्शन है। इससे पहले नगर निगम ने साल 2009 में मामूली पानी के रेट बढ़ाए थे। इस समय नगर निगम की ओर से सीवरेज सेस घर में लगने वाले टायलेट सीट पर चार्ज किया जाता है। प्रति सीट 25 रुपये चार्ज किया जाता है लेकिन नगर निगम ने जो पानी का रेट बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है उसमें कुल बिल का 25 प्रतिशत सीवरेज सेस लगाने का प्रस्ताव है।
इस समय क्या है पानी का रेट
कैटगरी यूनिट्स किलो लीटर वर्तमान रेट (रुपये में)
घरेलू 0 से 15 2
15 से 30 4
30 से 60 6
60 से 90 8
90 से ऊपर 8