नौकरी दिलाने, विवाह कराने के नाम पर नाबालिग लड़कियां खरीदकर लाई जाती हैं और फिर...मानव तस्करी पर ये स्पेशल रिपोर्ट पढ़ेंगे तो तस्वीर साफ हो जाएगी। दरअसल, हरियाणा में मानव तस्करी की जड़ें धीरे-धीरे जमने लगी है। एजेंट नाबालिग लड़कियों की तस्करी के लिए हरियाणा को बड़ा ‘डेस्टिनेशन स्टेट’ मानने लगे हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए हरियाणा पुलिस और राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग पूरी तरह से गंभीर हो चुका है।
पिछले दिनों फरीदाबाद में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग पुलिस स्टेशन भी खोला जा चुका है। नाबालिग लड़कियों को एजेंटों द्वारा बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से हरियाणा लाकर बेचा जा रहा है। हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य परमजीत सिंह बड़ौला के अनुसार नाबालिग बच्चियों को हरियाणा में खरीद-फरोख्त शादी और घरेलू बंधुआ नौकरानी के लिए हो रही है।
पांच से 20 हजार में खरीदकर लाते हैं बच्चियां
हरियाणा में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना के प्रभारी सत्येंद्र रावल ने बताया कि ये एजेंट दिल्ली व एनसीआर इलाकों में पूरी तरह सक्रिय हैं, जो इन राज्यों के गरीब लोगों से उनकी नाबालिग बेटियां नौकरी दिलवाने और अच्छे घरों में विवाह करवाने की लालच देकर 5 से 20 हजार में खरीदकर लाते हैं और यहां ग्राहकों से मोटी रकम वसूल लेते हैं।
बच्चियों को घरों में बंधुआ बनाकर रखा जाता है। खाना, कपड़ा मिलता है, लेकिन तनख्वाह नहीं। जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र, हिसार, सिरसा आदि जिलों में लड़कियों को शादी के लिए खरीद कर लाया जा रहा है। जबकि बहादुरगढ़, फरीदाबाद व गुरुग्राम समेत अन्य जिलों में नाबालिग बच्चियों को घरेलू नौकरानियों के रूप में बेचा जा रहा है। पिछले दिनों पुलिस ने दस नाबालिग लड़कियों को छुड़वाया था।
वर्ष 2016 में ऐसे 30 केस, वर्ष 2018 में 48 और वर्ष 2018 में अब तक 20 से ज्यादा केस पकड़े जा चुके हैं। अब एजेंटों के खिलाफ ही नहीं उन लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी, जो इन बच्चियों को अपने घरों में बंधुआ नौकरानी के तरह रखते हैं। इन बच्चियों का कहीं यौन शोषण तो नहीं हो रहा, इसे लेकर भी अब आयोग व पुलिस गंभीर है।
- बाल किशन गोयल, सदस्य, हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग।