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चंडीगढ़ः कूड़ा-कर्कट इकट्ठा करने पर नगर निगम की बैठक में अहम फैसले, समझौते को मंजूरी

Sat, 14 Dec 2019 12:29 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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मेयर राजेश कालिया - फोटो : अमर उजाला
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डोर टू डोर गारबेज कलेक्टरों के साथ दो साल बाद हुए समझौते को नगर निगम सदन की विशेष बैठक में हरी झंडी मिल गई। पार्षदों ने समझौते में जहां कुछ संशोधन कराए, वहीं कुछ कर्मचारियों के लिए कई सुविधाएं भी जुड़वाईं। भाजपा पार्षद देवेश मोदगिल ने सदन के इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए मेयर राजेश कालिया और कमिश्नर केके यादव को बधाई दी।
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शहर में गीला सूखा कचरा अलग अलग लेने को लेकर डोर टू डोर कचरा कलेक्शन सोसायटी और नगर निगम से पिछले दो साल से चर्चा हो रही थी, लेकिन किसी न किसी बात को लेकर समझौता नहीं हो सका। बीते 7 दिसंबर को दोनों के बीच समझौता हुआ और विशेष बैठक में सदन की अनुमति के लिए एजेंडा लाया गया।

इसमें सोसायटी की शर्तों और निगम की शर्तों के बीच सहमति होने की बात सदन को बताई गई। बैठक में कांग्रेस पार्षद देवेंदर सिंह बबला ने कहा कि रात 10 बजे एजेंडा की कॉपी मिली है। ऐसे में क्या बहस करें, लेकिन कमिश्नर ने पूरे समझौते को सदन के सामने रखा उसके बाद सहमति दे दी गई।
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चूंकि इस मामले की शुरू 2018 में भाजपा पार्षद देवेश मोदगिल के मेयर बनने के समय शुरू हुई थी। तब से अब तक बात नहीं बनी, इसलिए भाजपा पार्षद ने इसे सदन के लिए ऐतिहासिक पल बताया। मोदगिल ने कहा कि यह पूरा इंदौर मॉडल है।
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इन पर समझौता..

- डोर टू डोर गारबेज कलेक्टर सोसायटी नहीं बनाएंगे
- निगम की 300 गाड़ियां हर सेक्टर में कचरा लेंगी, उनके साथ गारबेज कलेक्टर रहेंगे
- गारबेज कलेक्टर में जो लोग गाड़ी चलाना जानते हैं उन्हें गाड़ियां चलाने के लिए दी जाएंगी
- घरों से ठीक से कचरा लिया जा रहा है कि नहीं इसकी निगरानी निगम करेगा
- स्मार्ट सिटी के तहत गाड़ियों की भी मॉनिटरिंग कराई जाएगी
- तय मानकों से ज्यादा छुट्टी लेेने पर रुपए कटेंगे, उसकी जगह दूसरा व्यक्ति काम करेगा
- गारबेज कलेक्टर अपना रुपया घटाएंगे और बढ़ाएंगे नहीं
- कितने घरों से गारबेज कलेक्टर रुपया ले रहे हैं इसके लिए एक फॉर्म भरेंगे
-फॉर्म में संबंधित घर का नंबर, मालिक का नाम और उसका मोबाइल नंबर लिखा जाएगा
- दी गई जानकारी की वेरीफिकेशन निगम करेगा
- साल में गारबेज कलेक्टरों के लिए कितना रुपया बढ़ाया जाए वह सदन तय करेगा
- काम में लापरवाही या अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी निगम के पास रहेगी
- सूखा कचरा निगम ही बेचेगा। उसका रुपया सैलरी के रेसियो के हिसाब से गारबेज कलेक्टरों के खाते में जाएगा
- जहां निगम के कर्मचारी सफाई करते हैं, वहां के सूखे कचरे का रुपया निगम के पास ही जाएगा
- कर्मचारियों को कैजुअल व मेडिकल लीव भी दी जाएगी

कर्मचारियों का बीमा कराएगा निगम, पेंशन के लिए कटेगा फंड

सेनिटेशन कमेटी के अध्यक्ष शक्ति प्रकाश देवशाली ने कहा कि सरकार की योजना के तहत कर्मचारियों का एक्सीडेंटल बीमा कराया जाना चाहिए, जो कि 12 रुपए में एक साल के लिए होता है। वहीं हेल्थ बीमा भी कराया जाना चाहिए, क्योंकि सफाई कर्मचारी जिस माहौल में काम करते हैं, उनकेस्वास्थ्य के बारे में ध्यान रखना चाहिए।

कमिश्नर ने कहा कि इसके लिए अलग से व्यवस्था कराकर उन्हें यह सुविधा दे देंगे। इसके अलावा सदन में मुद्दा उठा कि कर्मचारियों को सरकार की श्रमिक मानदंड पेंशन योजना के तहत कर्मचारियों का फंड काटा जाए, जिसमें एकमुश्त राशि जमा कराई जा सकती है। जो 60 वर्ष के बाद पेेंशन के रूप में मिलेगी। सदन में इस पर भी सहमति मिल गई।

प्लानिंग में क्या खास...
300 गाड़ियां चलाएगा निगम डोर टू डोर कचरा लेने के लिए
800 घरों से कचरा लेगी एक गाड़ी
2 से 3 कर्मचारी होंगे एक गाड़ी में तैनात
6 सीएनजी से चलने वाली गाड़ियां भी खरीदेगा निगम
सभी सेक्टरों से रेहड़ी फड़ी हटाकर गाड़ियों से कचरा लेने का काम शुरू हो जाएगा।
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अब हॉर्टीकल्चर वेस्ट के लिए अलग से चलेंगी गाड़ियां

हॉर्टीकल्चर वेस्ट को लेकर भी पार्षदों ने समस्या बताई। कमिश्नर ने कहा, हॉर्टीकल्चर वेस्ट उठाने के लिए सेनिटेशन कमेटी की एक बैठक कर सेक्टर तय करें। जहां से हॉर्टीकल्चर वेस्ट उठाना है चिह्नित करें। इसके लिए अलग से गाड़ी चलाएंगे। भाजपा पार्षद देवेश मोदगिल ने कहा कि धार्मिक स्थलों से निकलने वाले फूल मालाओं और अन्य सामग्री को एक जगह रखने का स्थान नहीं है। इसलिए इसे उठाने के लिए एक गाड़ियां शहर में चलें और उसका सम्मान के साथ निस्तारण हो। कमिश्नर ने इस पर भी सहमति दे दी।

एमओएच विंग के लिए अलग से होगी भर्ती
एमओएच विंग के अलग अब एक अकाउंट क्लर्क, 5 डाटा एंट्री ऑपरेटर, 345 चालक और 14 सुपरवाइजर रखे गए हैं। इन पर सालाना करीब 14 लाख रुपए का खर्च होंगे। इसके तहत क्लर्क और डाटा एंट्री ऑपरेटर और चालकों को हर महीने 25 हजार रुपए सैलरी दी जाएगी।

निगम का बढ़ जाएगा खर्चा
- 18 करोड़ रुपए निगम गाड़ियां खरीदने में खर्च करेगा
- 02 लाख 15 हजार घरों से निगम को लेना है कचरा
- 06 सीएनजी बेस्ड गाड़ियां निगम खरीदेगा
- 300 गाड़ियों का पेट्रोल और मेंटेनेंस भी निगम देखेगा
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