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कई पंजाबी नौजवान यूक्रेन में फंसे: बुधवार को ही मानसा लौटीं मुस्कान, छात्रों के परिजन परेशान, कहा- सरकार लौटने की व्यवस्था करे

Fri, 25 Feb 2022 02:06 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, मानसा (पंजाब)

सार

मानसा के रोहताश कुमार की बेटी मुस्कान बुधवार को मानसा लौटी हैं। उनका कहना है कि वहां माहौल हर दिन खराब हो रहे हैं। इस कारण उन्होंने अपनी पढ़ाई छोड़कर यहां लौटना ही बेहतर समझा।
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पीयूष गोयल की तस्वीर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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यूक्रेन और रूस की जंग के बीच कई पंजाबी नौजवान वहां फंसे हैं। हालांकि कुछ नौजवान वहां से लौट चुके हैं लेकिन कुछ के वहां फंसे होने के कारण परिजन चिंतित हैं। रूस ने यूक्रेन के हवाई अड्डों पर कब्जा कर लिया है। इस कारण देश लौटने वाले नौजवान नहीं लौट सकते। कस्बा बरेटा के नौजवान पीयूष गोयल दो वर्ष पहले वहां एमबीबीएस की पढ़ाई करने गए थे। उनके ही साथी मनिंद्र कुमार व नितिन कुमार बरेटा लौट आए हैं। पीयूष गोयल की 27 फरवरी की फ्लाइट थी लेकिन 24 फरवरी को रूसी सेना ने वहां के हवाई अड्डों पर कब्जा कर लिया, जिसके कारण वह वहां फंसकर रह गए हैं।

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बरेटा निवासी पीयूष के पिता भूषण कुमार और माता मोनिका रानी ने बताया कि बेटे ने वीडियो कॉल कर जानकारी दी है कि यहां की सभी फ्लाइटें रद्द हो गई हैं जिसके कारण नाभा, पटियाला, संगरूर, मानसा और अन्य शहरों के पंजाबी नौजवान वहां फंसे हैं। उन्होंने बताया कि वहां के दूतावास ने एक बार वहां पहुंचने वाले छात्रों के फार्म भरे हैं, अब वापस भेजने का इंतजाम किया जा रहा है लेकिन फिलहाल सभी फ्लाइटें रद्द हो गई हैं। 

भूषण कुमार ने बताया कि उनकी चिंता बढ़ रही है क्योंकि यूक्रेन में कब्जे को लेकर बमबारी भी होने लगी है। उन्होंने बताया कि जिन नौजवानों को 24 फरवरी और 27 फरवरी को देश लौटना था, उन्हें दूतावास ने अपने पास रखा है। उन्होंने कहा कि अब भगवान से प्रार्थना करने के अलावा उनके पास कोई चारा नहीं है। 
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जंग और तनाव के माहौल में जो फ्लाइट की टिकट 30 से 35 हजार रुपये थी, वह 80 हजार से एक लाख रुपये तक पहुंच चुकी है और कई नौजवानों के पास टिकट का प्रबंध नहीं है। उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार से दखल देने की मांग की। मानसा के रोहताश कुमार की बेटी मुस्कान बुधवार को मानसा लौटी हैं। उनका कहना है कि वहां माहौल हर दिन खराब हो रहे हैं। इस कारण उन्होंने अपनी पढ़ाई छोड़कर यहां लौटना ही बेहतर समझा।

यूक्रेन में फंसे गढ़शंकर के तरनवीर
गढ़शंकर के गांव धमाई के जसविंदर सिंह ने बताया कि उनका बेटा तरनवीर सिंह पांच साल पहले उच्च शिक्षा प्राप्त करने यूक्रेन गया था और अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा के बाद घर लौटने की तैयारी कर रहा था लेकिन उससे पहले ही यूक्रेन पर हमला होने से बेटा वहां फंस गया है। उन्होंने भारत सरकार से बेटे व अन्य फंसे लोगों को जल्द यूक्रेन से सुरक्षित लाने की अपील की। 

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