पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की सख्ती के बाद मुरथल घटना पर अब हरियाणा सरकार दबे स्वर में कहने लगी है कि मुरथल में गैंग रेप हुआ होगा। एक एनआरआई युवती से दुष्कर्म का खुलासा करती ईमेल के आधार पर पुलिस ने गैंगरेप की धारा भी पहले से दर्ज मामले में जोड़ दी है। गैंगरेप की धारा जोड़ने की जानकारी एसआईटी की नई प्रमुख आईजी ममता सिंह ने हाईकोर्ट में शपथ पत्र दाखिल करके दी है।
एसआईटी की कार्यशैली पर जस्टिस एसएस सारों व जस्टिस गुरमीत राम की डिवीजन बेंच द्वारा सवालिया निशान खड़े करने के बाद सरकार ने आईजी राजश्री को एसआईटी से हटाकर जांच का जिम्मा आईजी ममता सिंह को सौंपा था। उन्होंने हाईकोर्ट को दी विस्तृत जानकारी में बताया कि एनआरआई युवती संबंधी ई-मेल फरीदाबाद के पुलिस कमिशनर से एसपी सोनीपत को प्राप्त हुई। इस ईमेल की गहनता से जांच की जा रही है, ताकि तथाकथित पीड़िता तक पहुंच की जा सके।
इसके लिए विदेश मंत्रालय से भी जानकारी मांगी गई है कि क्या 21 फरवरी की रात को ऑस्ट्रेलिया से किसी युवती ने बोर्ड किया था। इसी प्रकार एक छात्रा से रेप संबंधी मिले पत्र के तथ्यों पर भी जांच जारी है। हरियाणा के कई जिलों समेत चंडीगढ़ के डिग्री कालेजों से पता लगाया जा रहा है कि 21 फरवरी को किसी डिग्री कालेज के हॉस्टल से उसके पिता छात्रा को लेकर फरीदाबाद की ओर रवाना हुए थे।
स्विफ्ट कार से महिला को बाहर निकाल कर उस पर हथियार से वार करने के आरोप के मामले में पुलिस ने कहा है कि उस रात पांच स्विफ्ट कारों की जानकारी मिली है, लेकिन अभी इनमें सवार राहगीरों से संपर्क नहीं हो पाया है। वैसे मुरथल ढाबे के पास उस रात के 161 राहगीरों की जानकारी जुटाई गई है। उन तक पहुंचने के लिए मोबाइल टावरों का सहारा लिया जा रहा है ताकि उनके बयान दर्ज किए जा सकें।
दुष्कर्म की संभावनाओं से इनकार नहीं: हरियाणा सरकार
मुरथल गैंगरेप केस
- फोटो : फाइल फोटो
यह भी हाईकोर्ट को बताया गया है कि मुरथल स्थित ढाबों, पेट्रोल पंपों व अन्य दुकानों के कारिंदों एवं मालिकों के बयान दर्ज किए गए हैं। मीडिया में अमरीक ढाबा और जय बजरंगबली ढाबे के मालिकों की ओर से की गई जांच का हवाला दिया गया। उस जांच की पड़ताल में सामने आया है कि किसी महिला ने दुष्कर्म या शारीरिक शोषण की बात उन्होंने नहीं कही। हालांकि हरियाणा सरकार की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि दुष्कर्म की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता।
गृह विभाग के विशेष सचिव शेखर विद्यार्थी ने भी एक शपथ पत्र दाखिल करके हाईकोर्ट को बताया कि ईमानदार आईएएस अधिकारी प्रकाश सिंह की कमेटी गठित की गई है, जो लापरवाह अफसरों पर अपनी रिपोर्ट देगी। हालांकि एमिक्स क्यूरी अनुपम गुप्ता ने कहा कि यह उचित प्रावधान के तहत गठित कमेटी नहीं है, लिहाजा इसकी सिफारिशों पर होने वाली कार्रवाई पर कोई भी सवालिया निशान उठा सकता है।
विद्यार्थी ने बेंच को न्यायिक आयोग गठित करने की जानकारी भी दी, लेकिन बेंच ने कहा कि आईजी ममता सिंह की अध्यक्षता की एसआईटी स्वतंत्र तौर पर काम करेगी और कोई भी इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगा। रोहतक और जींद के सेशन जजों ने हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश की है। इसके अलावा झज्जर की उपायुक्त अनीता यादव की ओर से एक्टिंग चीफ जस्टिस को भेजे गए पत्र के संबंध में उन्होंने जवाब के लिए समय मांगा है। हाईकोर्ट ने अन्य सेशन जजों से संबंधित जिलों की जुडीशयरी को आई परेशानियों पर अपनी रिपोर्ट देने को कहा है और झज्जर की उपायुक्त से शपथ पत्र के माध्यम से जानकारी देने को कहा है।