हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मुरथल में गैंगरेप की घटना से अब तक इंकार करती आई प्रदेश सरकार हाईकोर्ट में अपने दावे से पलट गई। हरियाणा पुलिस ने सोमवार को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के सामने स्वीकार किया कि जाट आंदोलन के दौरान इस तरह की घटनाओं की संभावनाएं हो सकती हैं। हाईकोर्ट में दाखिल विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट के मुताबिक मुरथल में रेप की शिकार तीन महिलाएं सामने आई थीं। दो महिलाओं ने लेटर भेजकर रेप की शिकायत दर्ज कराई है। तीसरी महिला ने ऑडियो क्लिप में रेप का आरोप लगाया गया है।
हरियाणा की आईजी (दक्षिणी रेंज, सह-प्रभार) और एसआईटी की चीफ ममता सिंह ने हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर अपनी रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट के मुताबिक , पुलिस ने सोनीपत जिले के मुरथल में नेशनल हाईवे-1 पर घटी घटना के संबंध में 30 मार्च को दर्ज एफआईआर नंबर 118 में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376-डी के तहत रेप का मामला दर्ज किया है। एफआईआर में रेप की धारा दिल्ली की एक महिला शिकायत के आधार पर लगाई गई है, जिनके मुताबिक आंदोलनकारियों ने कथित तौर पर उनके साथ रेप किया था। राज्य सरकार ने कहा कि उसके पास कुछ गुमनाम पत्र आए, जिसमें वहां रेप की बात कही गई है।
मता सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि फरीदाबाद के पुलिस कमिश्नर से एसपी सोनीपत को एनआरआई युवती से जुड़ा ई-मेल मिला है। इसकी बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि तथाकथित पीड़िता तक पहुंचा जा सके। इसके लिए विदेश मंत्रालय से भी जानकारी मांगी गई है कि क्या 21 फरवरी की रात ऑस्ट्रेलिया से किसी युवती ने बोर्ड किया था। इसी प्रकार एक छात्रा से दुराचार संबंधी मिले पत्र के तथ्यों की भी जांच जारी है। हरियाणा के कई जिलों समेत चंडीगढ़ के डिग्री कॉलेजों से पता लगाया जा रहा है कि 21 फरवरी को किसी डिग्री कॉलेज के हॉस्टल से उसके पिता छात्रा को लेकर फरीदाबाद की ओर रवाना हुए थे या नहीं।
'हसनपुर गांव में कुछ युवक महिलाओं को उठाकर ले गए थे'
कोर्ट, कंज्यूमर फोरम
- फोटो : फाइल फोटो
सोनीपत के मुरथल में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान कथित सामूहिक दुष्कर्म मामले में एसआईटी के सामने एक गुमनाम शिकायत आई है। दो दिन पहले मिली इस शिकायत में बताया गया है कि हसनपुर गांव में कुछ युवक महिलाओं को उठाकर ले गए थे। एसआईटी ने इस शिकायत को सोमवार को हाईकोर्ट के समक्ष स्टेट्स रिपोर्ट में भी पेश किया है।
एसआईटी अब इस शिकायत को भेजने वाले को ढूंढने में लगी है। बताया जा रहा है कि अभी तक एसआईटी इस शिकायत की सत्यता पर पूरी तरह से संतुष्ट नहीं है। गत दिनों मुरथल में उपद्रव के दौरान कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया था। इसके बाद इस मामले में जांच के लिए एसआईटी का गठन कर डीआईजी डॉ. राजश्री को प्रभारी बनाया गया था। कुछ समय पहले ही डॉ. राजश्री को हटाकर रेवाड़ी रेंज की आईजी ममता सिंह को एसआईटी की प्रभारी नियुक्त किया था।
दो शिकायतें पहले आई थीं सामने
इस मामले में डॅ. राजश्री के सामने पहले नरेला की रहने वाली एक महिला ने सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत दी थी, जो बाद में पारिवारिक विवाद का मामला निकला। इसी मामले में एक और फर्जी शिकायत मिली थी। वहीं कथित प्रत्यक्षदर्शी ट्रक ड्राइवरों ने भी पुलिस के सामने किसी महिला के साथ दुराचार की पुष्टि नहीं की थी।
दिल्ली के रहने वाले बॉबी जोशी ने ही कुछ दिन पहले शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उसने हिमाचल नंबर की गाड़ियों में महिलाओं को उठाकर ले जाने की बात कही थी। लेकिन अभी तक कोई भी ऐसी शिकायत नहीं आई है, जिससे स्पष्ट तौर पर कहा जा सके कि यह मामला सही है। अब इस मामले में एसआईटी को गुमनाम पत्र मिला है। पत्र में बताया गया है कि उपद्रव के दौरान कुछ महिलाएं हसनपुर स्कूल की तरफ जा रही थी तो वहां पर पहले खड़े कुछ युवकों ने उन्हें उठा लिया और अज्ञात जगह पर ले गए।
ममता सिंह, आईजी व प्रभारी एसआईटी ने बताया कि हाईकोर्ट में पेश स्टे्टस रिपोर्ट में एक पत्र भी पेश किया गया है, जोकि गुमनाम है। इस पत्र में महिलाओं को उठाने की बात कही गई है।
एक ऑडियो क्लिक आया सामने
एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक, अनुपम ने बताया है कि दो महिलाओं ने लेटर भेजकर रेप की शिकायत दर्ज कराई है। गुप्ता के मुताबिक, तीसरी महिला ने उन्हें एक ऑडियो क्लिप भेजी है जिसमें रेप का आरोप लगाया गया है। गुप्ता ने कहा कि वे इसे कोर्ट के सामने पेश करेंगे। मामले की अगली सुनवाई 4 मई को होगी। पुलिस ने इस दिन एसआईटी से जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। गुप्ता ने सोमवार को पुलिस की वह मांग ठुकरा दी, जिसमें पुलिस ने उनसे केस के ऑडियो और वीडियो क्लिप मांगे थे।