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मुरथल गैंगरेप: हाईकोर्ट में एमिक्स क्यूरे ने सरकार को दिखाए तल्ख तेवर

Tue, 31 May 2016 11:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
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मुरथल गैंगरेप - फोटो : file
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जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मुरथल में यौन उत्पीड़न की घटनाओं पर सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एमिक्स क्यूरे अनुपम गुप्ता ने प्रकाश सिंह कमेटी के सभी सदस्यों को कोर्ट में तलब करने की मांग की। उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा इस मामले में दायर की गई रिपोर्ट पर कड़ा एतराज जताते हुए पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का सुझाव भी अदालत को दिया। इस बीच, हरियाणा सरकार ने आरक्षण आंदोलन के दौरान पुलिस व सिविल अफसरों की भूमिका की जांच के लिए गठित की गई प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंप दी। सोमवार को इस मामले पर सुनवाई अधूरी रही और आगे सुनवाई एक जून को होगी।
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जस्टिस एसएस सारों और जस्टिस हरिंदर सिंह सिद्धू की खंडपीठ के समक्ष सोमवार को इस मामले पर सुनवाई शुरू होते ही हरियाणा सरकार ने पूर्व निर्देशानुसार अपनी रिपोर्ट पेश कर दी। एमिक्स क्यूरे ने रिपोर्ट पर कड़ा एतराज जताते हुए अदालत से कहा कि रिपोर्ट से यही बात सामने आ रही है कि सरकार पूरे मामले को दबाना चाहती है।

उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में पुलिस की ओर से कहा गया है कि मुरथल में ऐसी कोई घटना नहीं हुई जबकि सरकार द्वारा राजश्री के नेतृत्व में गठित की गई एसआईटी ने यह माना था कि मुरथल में वारदात हुईं थीं। उन्होंने कहा कि ममता सिंह की रिपोर्ट से उन्हें निराशा हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि वे पहले ही कोर्ट को आडियो-वीडियो के सबूत दे चुके हैं, ममता सिंह ने उनकी जांच करना भी जरुरी नहीं समझा और केवल गनौर के एसएचओ के हवाले से रिपोर्ट बना दी कि कोई मामला नहीं हुआ है।
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प्रकाश सिंह के इंटरव्यू की प्रति भी सौंपी

मुरथल के कथित गैंग रेप मामले में गवाह बॉबी जोशी को लेकर सुखदेव ढाबे पर पहुंची एसआईटी की टीम। - फोटो : amarujala
एमिक्स क्यूरे ने अदालत को एक समाचार पत्र में छपे प्रकाश सिंह के इंटरव्यू की प्रति भी सौंपी, जिसमें प्रकाश सिंह की ओर से कहा गया है कि मुरथल में बहुत कुछ अत्यंत दुखद घटा है। उन्होंने कोर्ट के समक्ष इस बात का खुलासा किया कि 20 फरवरी की रात पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह और उनकी कमेटी के दोनों सदस्य- मौजूदा डीजीपी केपी सिंह और अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयवर्धन मुरथल पहुंचे थे, जहां उन्होंने ढाबा मालिक अमरजीत से घटनाक्त्रस्म की जानकारी ली थी।

उन्होंने बताया कि इस बैठक में स्टेनो और वीडियोग्राफर को बाहर कर दिया गया था और अमरजीत ने प्रकाश सिंह कमेटी को गैंगरेप की वारदात का पूरा खुलासा किया था। एमिक्स क्यूरे ने कोर्ट से कहा कि बैठक में अमरजीत ने प्रकाश सिंह कमेटी को बताया था कि लगभग नग्न हालत में और कुछ आधे वस्त्रों में औरतें ढाबे पर पहुंची थीं, जिन्हें उन्होंने कंबल व अन्य कपड़े दिए थे। इसके आधे-पौने घंटे बाद डीसी और एसपी ढाबे पर पहुंचे और उन महिलाओं को वहां से ले गए।

उन्होंने कोर्ट से मांग की कि प्रकाश सिंह कमेटी के सभी सदस्यों को अदालत में तलब किया जाए। उन्होंने कहा कि अपनी रिपोर्ट के ज?रिए सरकार पूरे घटनाक्त्रस्म को ?छुपाना चाह रही है, इसलिए उपयुक्त होगा कि यह मामला सीबीआई को सौंप दिया जाए। सोमवार को अदालत में मौजूद ममता सिंह ने भी अपना पक्ष रखा और सरकारी वकील ने रिपोर्ट का बचाव करते हुए जिरह की। इस सुनवाई को पहले तो लंच के बाद तक स्थगित किया गया और बाद में इसे एक जून तक स्थगित कर दिया गया।
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