जाटों की चेतावनी के चलते मूनक नहर पर सीआरपीएफ तैनात
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जाटों ने आरक्षण के लिए फिर से आंदोलन करने की धमकी दी है। इसके चलते हरियाणा में मूनक नहर समेत 7 जिलों में सीआरपीएफ तैनात कर दी गई। प्रदेश के विभिन्न शहरों में पैरामिलिट्री फोर्स की 10 कंपनियों ने रविवार को मोर्चा संभाल लिया है, वहीं सोनीपत में धारा-144 लगा दी गई है। दिल्ली की लाइफलाइन कही जाने वाली पश्चिमी यमुना नहर पर ही कई कंपनियां तैनात हैं।
प्रदेश में इस समय भिवानी की राजपूत धर्मशाला, जींद, हिसार, हांसी, झज्जर, रोहतक में एक-एक कंपनी पहुंच चुकी हैं, वहीं सोनीपत के पास से गुजरती पश्चिमी यमुना नहर पर भी अर्द्धसैनिक बलों की कई कंपनियों ने मोर्चा संभाल लिया है। गौरतलब है कि जाट आरक्षण संघर्ष समिति के यशपाल मलिक ने 5 जून से फिर से आंदोलन की धमकी दी है, इसके लिए शुरुआत मय्यड़ से होगी।
आंदोलन के मद्देनजर प्रदेश में फिर से शांति भंग होने की आशंका के मद्देनजर सरकार ने सभी डीसी और एसपी को निर्देश देकर जरूरी कदम उठाने को कहा है। खुद मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने कहा कि इस बार पहले वाली गलती नहीं दोहराने देंगे। उपद्रवियों से कड़ाई से निपटा जाएगा।
सरकार हाई अलर्ट पर है और पुलिस को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। अल्टीमेटम को लेकर अंदरूनी तौर से पुलिस भी काफी सक्रिय हो गई है। प्रदेश की खुफिया एजेंसियां अपने स्तर पर रिपोर्ट एकत्र करने में जुट गई है।