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जाट आरक्षणः हरियाणा में मूनक नहर समेत 7 जिलों में CRPF तैनात

Mon, 30 May 2016 09:39 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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जाटों की चेतावनी के चलते मूनक नहर पर सीआरपीएफ तैनात - फोटो : अमर उजाला
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जाटों ने आरक्षण के लिए फिर से आंदोलन करने की धमकी दी है। इसके चलते हरियाणा में मूनक नहर समेत 7 जिलों में सीआरपीएफ तैनात कर दी गई। प्रदेश के विभिन्न शहरों में पैरामिलिट्री फोर्स की 10 कंपनियों ने रविवार को मोर्चा संभाल लिया है, वहीं सोनीपत में धारा-144 लगा दी गई है। दिल्ली की लाइफलाइन कही जाने वाली पश्चिमी यमुना नहर पर ही कई कंपनियां तैनात हैं।
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प्रदेश में इस समय भिवानी की राजपूत धर्मशाला, जींद, हिसार, हांसी, झज्जर, रोहतक में एक-एक कंपनी पहुंच चुकी हैं, वहीं सोनीपत के पास से गुजरती पश्चिमी यमुना नहर पर भी अर्द्धसैनिक बलों की कई कंपनियों ने मोर्चा संभाल लिया है। गौरतलब है कि जाट आरक्षण संघर्ष समिति के यशपाल मलिक ने 5 जून से फिर से आंदोलन की धमकी दी है, इसके लिए शुरुआत मय्यड़ से होगी।

आंदोलन के मद्देनजर प्रदेश में फिर से शांति भंग होने की आशंका के मद्देनजर सरकार ने सभी डीसी और एसपी को निर्देश देकर जरूरी कदम उठाने को कहा है। खुद मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने कहा कि इस बार पहले वाली गलती नहीं दोहराने देंगे। उपद्रवियों से कड़ाई से निपटा जाएगा।
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सरकार हाई अलर्ट पर है और पुलिस को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। अल्टीमेटम को लेकर अंदरूनी तौर से पुलिस भी काफी सक्रिय हो गई है। प्रदेश की खुफिया एजेंसियां अपने स्तर पर रिपोर्ट एकत्र करने में जुट गई है।
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यूपी के जाट भी हो सकते हैं सक्रिय, खूफिया तंत्र सर्तक

जाटों की चेतावनी के चलते मूनक नहर पर सीआरपीएफ तैनात - फोटो : अमर उजाला
ऐसे संकेत मिले हैं कि हरियाणा के जाटों के साथ अब यूपी के जाट भी संघर्ष के लिए आगे आ सकते हैं। इस आशंका के चलते खुफिया एजंसियों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। पूर्व में सक्रिय रहने वाले जाट नेताओं की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक हाल ही में डीजीपी बने केपी सिंह पूर्व के आंदोलन के दौरान हुई गलतियां नहीं दोहराना चाहते हैं। इसलिए पुलिस के खुफिया तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है। बता दें कि हरियाणा के जाट ओबीसी कैटेगरी में आरक्षण रहे हैं। इसके लिए उन्होंने फरवरी में आंदोलन शुरू किया था। आंदोलन शुरू होने के कुछ ही दिनों में यह हिंसक हो गया।

पूरे राज्य में हिंसा और जमकर लूटपाट हुई। करोड़ों रुपए की सरकारी और निजी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा। कई जगह सेना को मोर्चा संभालना पड़ा। फिर सरकार ने आरक्षण देने की घोषणा की, तब जाट शांत हुए। आरक्षण दिया भी गया, लेकिन अधिसूचना जारी होने के 13 दिन में पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने आरक्षण पर अंतरिम रोक लगा दी।

 
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