चंडीगढ़ में नगर निगम सदन की बैठक काफी हंगामेदार रही। देखिए, राजनीति के भेंट चढ़े ये प्रस्ताव।
- 191 लाख 57 हजार रुपये की लागत से सेक्टर-38 और वेस्ट की वी-3 रोड को चौड़ा करना और साइकिल ट्रैक बनाना
- 272 लाख 98 हजार रुपये की लागत से डडूमाजरा में घरों के आगे पेवर ब्लाक लगाना
- 71.66 लाख रुपये की लागत से सेक्टर-40 और 41 की वी-3 रोड पर टाइलें लगाना
- 118.40 लाख रुपये की लागत से सेक्टर-25 में महाराणा प्रताप हॉस्टल के पास बने टयूबवेल की री बोरिंग
- 82.24 लाख रुपये की लागत से औद्योगिक क्षेत्र के फेज-1 में पेवर ब्लाक लगाना
- 73.88 लाख रुपये की लागत से मनीमाजरा के शिवालिक गार्डन और मौलीजागरां के विकास नगर और इंदिरा कालोनी की पब्लिक टायलेट में शौचालय का निर्माण
- 904 लाख रुपये की लागत से मनीमाजरा शिवालिक एन्क्लेव के पास के ओपन नाले पर आरसीसी बाक्स की रिपेयर करना
- 55.25 लाख रुपये की लागत से से सेक्टर-35 सी और डी में सड़क की कारपेटिंग
- 235.16 लाख रुपये की लागत से धनास की मिल्क कालोनी की वी-6 रेाड पर पेवर ब्लाक लगाना
- 263.17 लाख रुपये की लागत से सेक्टर-39 की सिविल डिस्पेंसरी के ग्राउंड फ्लोर का निर्माण
- 125.91 लाख रुपये की लागत से से औद्योगिक क्षेत्र के फेज-1 के (ब्लाक ए)में पेवर ब्लाक लगाना
-एक साल की एक्शन टेकेन रिपोर्ट पर चर्चा
- बढ़हेड़ी, बुटरेला और बुडै़ल की खाली पड़ी 11 दुकानों पर निर्णय
- 692 सफाई कर्मचारियों को ठेके पर रखने का प्रस्ताव
- 51.88 करोड़ की लागत से सेक्टर-49 सी और डी की वी-6 रोड की कारपेटिंग
मेयर ने बैठक स्थगित के लिए कांग्रेस को जिम्मेवार बताया
चंडीगढ़ निगम सदन की हंगामेदार बैठक
- फोटो : amar ujala
मारपीट कर सकते थे कांग्रेसी: मेयर
मेयर ने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार की पार्टी है। मेयर ने बैठक स्थगित के लिए कांग्रेस को जिम्मेवार बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सदन की कार्रवाई को नहीं चलने दे रही थी। अगर वह सदन की कार्रवाई स्थगित न करते तो कांग्रेसी मारपीट पर भी उतर सकते थे। मेयर अरुण सूद ने पूर्व मेयर सुभाष चावला पर आरोप लगाया कि उन्होंने मनोनीत पार्षदों के लिए चमचा शब्द का प्रयोग किया है।
व्यापारियों को राहत नहीं देना चाहते मेयर: कांग्रेस
कांग्रेस ने कार्यवाही स्थगित करने के लिए मेयर को जिम्मेवार ठहराते हुए आरोप लगाया कि वह पानी के मुद्दे और सेक्टर-17 की दो प्रमुख पार्किंगों को बंद करने के फैसले को वापस नहीं ले रहे । वह व्यापारियों को राहत नहीं देना चाहते। कांग्रेस पार्षदों ने सदन में इस मुद्दें पर व्यापारियों का समर्थन करते हुए टेंबल एजेंडा भी सदन में रखा।
सदन की बैठक में मिनटस पास करने से पहले ही पूर्व मेयर हरफूल चंद कल्याण ने शहर में पानी के लिए मची त्राहि त्राहि का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि उनके वार्ड नंबर-13 में गंदे पानी की सप्लाई आ रही है। पूर्व मेयर सुभाष चावला ने कहा कि उनके वार्ड सेक्टर-25 में शुक्रवार सुबह गंदे पानी की सप्लाई आने से लोगो केा उल्टियां आई है। लोग बीमार पड़ रहे हैं।
कांग्रेस के भागे पार्षदों के दम पर बने मेयर: चावला
सुभाष चावला ने कहा कि अगर वह (अरुण सूद) इस समय मेयर की कुर्सी पर विराजमान हैं तो यह भी कांग्रेस की देन है, क्योंकि कांग्रेस के 4 भागे हुए पार्षदों के दम पर ही वह इस समय मेयर हैं। पूर्व मेयर राज बाला मलिक, सतप्रकाश अग्रवाल, सतीश कैंथ और कश्मीरी देवी राणा कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। इस पर सतीश कैंथ ने कहा कि वह भागे नहीं बल्कि काग्रेस के भष्ट्राचार से तंग होकर भाजपा में शामिल हुए।