जाटों को आरक्षण दिए जाने का विरोध कर रहे सांसद राजकुमार सैनी ने आरोप लगाया है कि जाटों ने बंदूक की नोक पर आरक्षण लिया है, लेकिन हम कानून की
कलम के दम पर लेंगे। इसके लिए कोर्ट से स्टे लेंगे। तीन सौ से अधिक लोग जाट आरक्षण बिल के खिलाफ अदालत में याचिका दायर करने को तैयार हैं। सैनी शनिवार को
अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर थे और इस दौरान कैथल में लोक निर्माण विभाग के विश्रामगृह में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
सैनी ने कहा कि आरक्षण आंदोलन मुख्यमंत्री की कुर्सी पर निशाना लगाए हुए कुछ लोगों का कुप्रयास था। उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है, फिर ओबीसी समाज
के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। कुछ उपद्रवी दंगे भड़का कर उन पर ही आरोप लगा रहे थे। उन्होंने जाट आरक्षण को लेकर एक शब्द भी गलत नहीं कहा, लेकिन आज
प्रदेश को आग लगाने वाले कहते हैं कि बंदूक की नोंक पर आरक्षण लिया तो क्या गलत किया। सरकार को चाहिए कि 100 प्रतिशत आरक्षण दे दे। इस समस्या से निजात
मिल जाएगी। क्योंकि प्रजांतत्र में बंदूक की नोक पर कमजोर वर्ग के हक लूटे जा रहे हैं। कैथल में उनके निवास को तोड़ा गया। प्रदेश सरकार द्वारा गठित किए गए जांच
आयोग को भी भ्रमित किया गया।