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सांसद तिवारी का चन्नी सरकार से सवाल: बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट क्यों नहीं गए, क्या विरोध सिर्फ खानापूर्ति है

Mon, 08 Nov 2021 10:55 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र सोमवार को बुलाया गया है। कृषि कानूनों और बीएसएसफ के अधिकार क्षेत्र में बढ़ोतरी के खिलाफ सरकार इस सत्र में विशेष प्रस्ताव लाएगी। सीएम चन्नी कह चुके हैं कि विधानसभा सत्र में बीएसएसफ के अधिकार क्षेत्र में बढ़ोतरी को रद्द किया जाएगा।
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सांसद मनीष तिवारी। - फोटो : twitter @ManishTewari
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विस्तार
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पंजाब में सीमा सुरक्षा बल के अधिकार क्षेत्र बढ़ाने पर शुरू हुआ विवाद जारी है। सोमवार को पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में इस मुद्दे पर प्रस्ताव लाया जा सकता है। इससे पहले ही कांग्रेस के सांसद मनीष तिवारी ने पंजाब सरकार पर हमला बोला है। तिवारी ने ट्वीट कर सवाल उठाया है कि सीमा सुरक्षा बल का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन को लगभग एक महीना होने वाला है। अभी तक पंजाब सरकार ने इसे आर्टिकल 131 के तहत सुप्रीम कोर्ट में चुनौती क्यों नहीं दी। उन्होंने सवाल किया कि क्या इसका विरोध सिर्फ खानापूर्ति है।

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पंजाब में पाकिस्तान सीमा से सटे करीब 600 किमी बॉर्डर की सुरक्षा सीमा सुरक्षा बल के हाथ है। अभी तक बीएसएफ के पास सीमा से 15 किमी अंदर तक कार्रवाई का अधिकार था। केंद्र सरकार ने इसे बढ़ाकर 50 किमी कर दिया है। पंजाब सरकार इसका विरोध कर रही है। सरकार का तर्क है कि इससे लगभग आधा पंजाब बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र में आ जाएगा।
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केंद्र के फैसले का समर्थन कर चुके हैं कैप्टन
इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को बढ़ाने के केंद्र के कदम को सही बता चुके हैं। कैप्टन ने कहा था सीमा पार से आ रहे हथियार और विस्फोटक कोई छोटा मुददा नहीं हैं। यह ड्रोन के माध्यम से संबंधित लोकेशन को ट्रेस कर गिराए जा रहे हैं। उनकी इस मसले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से खुलकर बातचीत हुई है। केंद्र सरकार इस पूरे मामले को लेकर गंभीर है। यदि पंजाब सरकार इस मसले पर विशेष सत्र बुला रही है तो उसे जनता को यह बताने की जरूरत है कि बीएसएफ पंजाब की सुरक्षा के लिए है न कि राज्य सरकार के काम में हस्तक्षेप के लिए।
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 पंजाब पुलिस पूरी तरह से मजबूत है। पंजाब पुलिस अपना काम करेगी लेकिन जहां पर बीएसएफ की मदद की जरूरत पड़ेगी तो बीएसएफ आगे रहेगी। सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब को ज्यादा खतरा है। बीएसएफ सूबे में राष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखने में मदद करने के लिए है। राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में राज्य की तरफ से केंद्र को पूर्ण समर्थन दिया जाना चाहिए न कि उसकी खिलाफत करनी चाहिए।   

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