उन्होंने कहा कि यह प्रयास राज्य सरकार द्वारा दशम पिता के परिवार के महान बलिदान को विनम्र सी श्रद्धांजलि होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि फतेहगढ़ साहिब की पवित्र धरती न सिर्फ सिखों के लिए बल्कि समूची मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है क्योंकि हर साल छोटे साहिबजादों और माता गुजरी जी के शहीदी दिवस पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु नतमस्तक होने आते हैं। साहिबजादों की तरफ से छोटी उम्र में महान बलिदान देने की मिसाल दुनिया के इतिहास में कहीं नहीं मिलती।
फतेहगढ़ साहिब में शहीदी सभा की तैयारियों की प्रगति का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को लोगों के लिए पुख्ता इंतजाम करने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह निजी तौर पर इस समूचे कार्य की निगरानी करेंगे ताकि लोगों की सेवा में कोई कसर बाकी न रहे। बैठक में मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने लोगों की आमद के दौरान शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु बनाने की जानकारी दी। इसी तरह लोगों की सुविधा के लिए स्थानीय बस सेवा शुरू की गई है, जिसके तहत 75 बसें चलाईं जाएंगी और 50 ई-रिक्शे चलाए जाएंगे।
पार्किंग व्यवस्था के बारे में बताया गया कि शहीदी सभा के दौरान वाहनों की पार्किंग के लिए शहर को अलग-अलग सेक्टरों में बांटकर 21 जगहें पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं के लिए मेडिकल केंद्र भी स्थापित किए गए हैं। सूचना केंद्र भी बनाए गए हैं, जहां से लोगों को आवश्यक जानकारी मिल सकेगी।