सड़क हादसे में महिला की मौत पर मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) के पीठासीन अधिकारी रुपम ने उनके परिवार के लिए आर्थिक मुआवजा मंजूर किया है। ट्रिब्यूनल ने दिल्ली स्थित ट्रर और ट्रैवल्स कंपनी की बस के मालिक, चालक और नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को पीड़ित परिवार को 44 लाख 30 हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं। साथ ही इस राशि पर क्लेम याचिका दायर करने के दिन से फैसला सुनाए जाने तक 7.5 प्रतिशत की दर से ब्याज भी देने को कहा है।
मुआवजा राशि में से मृतका के पति को 30 फीसदी और दोनों बेटों में 35-35 प्रतिशत बांटी जाएगी। मामले के अनुसार पिछले साल 3 मई को इंडस्ट्रियल एरिया-1 निवासी लक्ष्य अग्रवाल और उनकी मां नीरज अग्रवाल के साथ कार से रोपड़ की ओर जा रहे थे।
देर रात करीब डेढ़ बजे दिल्ली की स्नो रीजन टूर एंड ट्रैवल्स कंपनी की बस के चालक ने अचानक बिना कोई सिग्नल दिए ब्रेक लगा दिए। इससे लक्ष्य की कार बस से टक्करा गई और उसमें सवार नीरजा को गंभीर चोट आईं। इस पर उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस मामले में बस चालक हिमाचल के कांगड़ा निवासी राजीव कुमार के खिलाफ रूपनगर थाने में संबंधित धाराओं में केस दर्ज कराया गया था।
80 लाख का मांगा था मुआवजा
मृतका नीरज अग्रवाल के पति मोहन देव अग्रवाल, बेटों तनुज और लक्ष्य की ओर से ट्रिब्यूनल में दायर क्लेम याचिका में 80 लाख रुपये का मुआवजा मांगा गया था। याचिका में अनुसार नीरज एक बिजनेस वूमन थी और उनकी सालाना इनकम साढ़े 6 लाख रुपये थी। इस आधार पर उन्होंने 80 लाख रुपये की क्लेम याचिका दायर की थी।