फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

PGI के 250 से ज्यादा डाक्टर गए छुट्टी पर, भगवान भरोसे मरीज!

Fri, 08 Dec 2017 09:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
पीजीआई चंडीगढ़ - फोटो : File Photo
विज्ञापन
सर्दियां आते ही विंटर वैकेशन भी शुरू हो गया है। पीजीआई के आधे डाक्टर एक महीने की छुट्टी पर चले गए हैं। इससे संस्थान की चिकित्सकीय सेवाओं के प्रभावित होने के आसार हैं। यदि कोई मरीज अगले एक महीने के दौरान पीजीआई में दिखाने के बारे में योजना बना रहे हैं तो संबंधित डाक्टर के बारे में पहले जानकारी हासिल कर लें, वरना बेवजह परेशान होना पड़ सकता है। कौन से डाक्टर ड्यूटी पर हैं और कौन से छुट्टी पर इसकी पूरी डिटेल पीजीआई ने संस्थान की वेबसाइट पर अपलोड की है।
विज्ञापन


पीजीआई के मुताबिक संस्थान में 7 दिसंबर से विंटर वैकेशन शुरू हो चुका है। 48 डिपार्टमेंट के करीब 250 से ज्यादा डाक्टर 7 दिसंबर से लेकर 21 दिसंबर तक छुट्टी पर रहेंगे, जबकि आधे डाक्टर 23 दिसंबर से लेकर छह जनवरी तक अवकाश पर रहेंगे। यानी एक महीने तक आधे डाक्टर छुट्टी पर रहने वाले हैं।

पीजीआई के डाक्टरों को साल में दो बार वैकेशन मिलती है। गर्मियों में एक महीने और सर्दियों में 15 दिन की। हालांकि पीजीआई का दावा है कि छुट्टियां होने के बावजूद मरीजों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। डाक्टरों के इस तरह से रोस्टर तैयार किए गए हैं ताकि हर डिपार्टमेंट के आधे डाक्टर एक समय पर मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

मरीजों की टलती हैं सर्जरी

pgi chandigarh - फोटो : File Photo
मरीजों की टलती हैं सर्जरी
ऐसा नहीं कि डाक्टरों के छुट्टी पर होने से मरीजों को कोई दिक्कत नहीं आती, बल्कि परेशानी और बढ़ जाती है। खासतौर पर उन मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कतें आती हैं, जिनकी सर्जरी होनी होती है। डाक्टरों के नहीं होने पर सर्जरी टाल दी जाती हैं। इससे सर्जरी का वेटिंग टाइम बढ़ता है। हालांकि इनमें प्लान सर्जरी ही शामिल होती हैं लेकिन मरीजों को परेशानी तो आती ही है।

ओपीडी में जूनियर डाक्टरों के हवाले मरीज
विंटर वैकेशन सिर्फ सीनियर डाक्टरों को मिलती है जबकि जूनियर डाक्टर ड्यूटी पर रहते हैं। ओपीडी में अब मरीज जूनियर डाक्टरों के हवाले रहेंगे। जो डाक्टर छुट्टी पर हैं उनकी जगह अब जूनियर डाक्टर मरीज को देखेंगे। जो सीनियर डाक्टर ड्यूटी पर रहेंगे उनके पास पहले से ही मरीजों की अच्छी खासी भीड़ होती है, ऐसे में छुट्टी पर चल रहे डाक्टरों के मरीजों को वे कैसे देख पाएंगे।

गंभीर मरीजों को भी आती हैं दिक्कतें
डाक्टरों के छुट्टी पर चले जाने से गंभीर मरीजों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मान लीजिए कोई मरीज न्यूरोसर्जरी का है और वह जिस डाक्टर को दिखा रहा था, वे छुट्टी पर चला जाता है और इस बीच मरीज को अचानक से परेशानी आ जाती है तो जूनियर डाक्टर तो उसे देख लेंगे, लेकिन सीनियर डाक्टर उस मरीज को देखने से हाथ खींच लेते हैं। ऐसा अकसर देखने को मिलता है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें