फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नशे के खिलाफ अभियान का जेलों पर असर, मॉर्डन जेल कपूरथला में क्षमता से अधिक कैदी

Wed, 25 Jul 2018 09:45 AM IST
महेश कुमार, अमर उजाला, कपूरथला (पंजाब)
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन
सूबे में नशे के खिलाफ चले व्यापक अभियान के बाद माडर्न जेल में नए कैदियों का भार बढ़ गया है। इससे क्षमता से अधिक कैदी जेल में बंद हैं। जिन्हें संभालने से जेल प्रशासन को खासी मेहनत करनी पड़ रही है। जेल में बंद अधिकतर कैदी एनडीपीएस एक्ट से संबंधित हैं। 
विज्ञापन


माडर्न जेल कपूरथला की निर्धारित क्षमता 2690 हैं, लेकिन मंगलवार तक जेल में लगभग 3000 कैदी थे। प्रतिदिन जेल में औसतन 26 कैदी नए जेल पहुंच रहे हैं। उनमें अधिकतर नशे के कारोबार से संबंधित हैं। पिछले 24 दिनों में जालंधर और कपूरथला पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए 600 आरोपी ड्रग पैडलर हैं। एक वरिष्ठ जेल अधिकारी के अनुसार एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार 80 फीसदी से अधिक कैदी नशेड़ी हैं।

सोमवार को ही जेल लाया गया नशे की लत वाला कैदी एचआईवी पॉजिटिव था जबकि एकीकृत परामर्श और परीक्षण केंद्र (आईसीटीसी) की ओर से अनिवार्य जांच के दौरान हेपेटाइटिस-सी से प्रभावित एक कैदी का भी पता चला है। जेल अधिकारी के अनुसार इनके नशे का इंजेक्शन लगाते समय संक्रमित सीरिंज के इस्तेमाल किए जाने की संभावना है।
विज्ञापन


जेल में 90 बैरकों में से प्रत्येक में 25-30 कैदियों को रखने की क्षमता है, लेकिन इन दिनों हर बैरक में 40-50 कैदियों को रखने के लिए जेल प्रशासन विवश है। हर बैरक के लिए सात स्वीकृत पदों के खिलाफ केवल एक वार्डर है। एआईजी-कम-एसपी जेल सुरिंदरपाल खन्ना ने कहा कि वह कैदियों की भीड़ को संभालने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि कुछ कैदी जमानत या सुरक्षित रिहाई पर जेल से बाहर निकलते हैं।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें