मौसम विशेषज्ञ नवदीप दहिया ने बताया कि जब एक मौसमी सिस्टम बनता है तो दूसरा उसे आगे नहीं बढ़ने देता। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से इस समय पश्चिमी हवाएं आ रही हैं, जो पूर्वी हवाओं को आगे बढ़ने नहीं दे रहीं। इस वजह से मानसून आगे नहीं बढ़ पा रहा। अगले दस दिन तक बंगाल की खाड़ी में भी कम दबाव का क्षेत्र नहीं बनेगा, जिस वजह से बारिश के लिए लोगों को जुलाई तक इंतजार करना पड़ सकता है।
हवा में नमी बढ़ी तो हो सकती है बारिश
मौसम विभाग का कहना है कि हवा में नमी बढ़ने स्थानीय बादलों के बनने से बारिश हो सकती है। हवा में जब नमी बढ़ती है तो हवाएं ऊपर जाकर बारिश कराती हैं। हालांकि यह तत्कालीन राहत होती है। बारिश होने के कुछ देर तक गर्मी से राहत मिलती है, लेकिन उसके बाद फिर से गर्मी परेशान करने लगती है।
जून में अब तक 125.9 मिलीमीटर बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक, जून में अब तक चंडीगढ़ में 125.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो करीब सामान्य से 56 फीसदी ज्यादा है। हालांकि धीरे-धीरे अब यह अंतर कम होगा, क्योंकि अब बारिश होने के आसार कम है। चंडीगढ़ मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले तीन दिन अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री के बीच रिकॉर्ड किया जा सकता है। रविवार को हवा में नमी की अधिकतम मात्रा 72 फीसदी रिकार्ड हुई।