आरोपियों से बरामद लग्जरी कारें।
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एसएसपी डॉ. संदीप गर्ग ने बताया कि आरोपी लोगों को विदेश भेजने के नाम पर पैसे वसूलते थे। उन्हें फर्जी पीआर सर्टिफिकेट देते थे। राहुल यह फर्जी कागजात तैयार करवाता था। इनके सेक्टर-82 और डेराबस्सी में दफ्तर हैं। वहां उन्होंने 70 लाख रुपये का फर्नीचर लगवा रखा है। आरोपी के देश के विभिन्न बैंकों में 61 खाते हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लाइसेंसी हथियार वाले पूर्व सैनिकों को अपनी सिक्योरिटी में रखे थे। इन्हीं सुरक्षाकर्मियों का रौब दिखाकर लोगों को फंसाता था। जब कोई उससे पैसे वापस मांगता तो उन्हें डर-धमका कर भगा देते था। जाली आईडी कार्ड्स में राजपुरा का पता है और इसी पर पिस्टल भी जारी हो रखा है। पंजाब के विभिन्न इलाकों में कई मुकदमे भी आरोपी पर दर्ज हैं।