अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। धोखाधड़ी और दुष्कर्म के गंभीर आरोपों में घिरे पंजाब के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका को गहन विचार के बाद सिरे से खारिज कर दिया।
मामला पटियाला के सिविल लाइंस थाने में दर्ज शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वर्ष 2013-14 में फेसबुक के जरिए संपर्क करने के बाद पठान माजरा ने स्वयं को तलाकशुदा बताकर विवाह का झांसा दिया। इसी विश्वास के आधार पर दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने और 14 अगस्त 2021 को लुधियाना स्थित गुरुद्वारे में विवाह संपन्न हुआ।
शिकायतकर्ता का कहना है कि 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान दायर हलफनामे में जब पठानमाजरा ने सिमरनजीत कौर को अपनी पत्नी बताया तब उन्हें अपनी पहली शादी की जानकारी हुई। इसके बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस की अर्जी पर पटियाला की अदालत ने 5 और 11 सितंबर 2025 को पठानमाजरा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए। बाद में 20 दिसंबर 2025 को उन्हें जेएमआईसी पटियाला की अदालत ने भगोड़ा घोषित किया।
हाईकोर्ट में दायर याचिका में पठानमाजरा ने दावा किया कि वह वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया में हैं और उन्हें पुलिस से कोई नोटिस नहीं मिला। लेकिन अदालत ने याचिका को ठोस आधार के अभाव में खारिज कर दिया। अब मामला पुलिस जांच और गिरफ्तारी की प्रक्रिया की ओर बढ़ा है जिससे पठानमाजरा पर कानूनी शिकंजा कसने की संभावना बढ़ गई है।