डेराबस्सी निर्वाचन क्षेत्र से विजयी अकाली उम्मीदवार नरेंद्र कुमार शर्मा को बड़ी राहत देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दायर चुनावी याचिका खारिज कर दी है। एनके शर्मा के खिलाफ यह याचिका चुनाव हार चुके कांग्रेस उम्मीदवार दीपेंदर सिंह ढिल्लों ने दायर की थी। दीपेंदर सिंह ढिल्लों ने एडवोकेट गुलशन शर्मा के जरिये हाईकोर्ट में चुनावी याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि एनके शर्मा ने चुनाव के लिए नामांकन भरते समय एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी जिसके वे शेयर होल्डर हैं, उसके बारे में जानकारी नहीं दी, जबकि इसकी जानकारी देना अनिवार्य था।
इसके अलावा आरोप लगाया गया था कि एनके शर्मा ने चुनाव में धर्म का सहारा लिया है। जिस दल की ओर से चुनाव लड़ा गया है, उस दल ने एक धार्मिक संस्था से चुनावों में सहयोग लिया था। लिहाजा एनके शर्मा के चुनाव रद्द किए जाने की हाईकोर्ट से मांग की गई है। 2017 को हुए पंजाब विधान सभा के इस चुनाव में एनके शर्मा को जहां 70792 मत पड़े थे, वहीं ढिल्लों को 68871 को मत पड़े थे।
ढिल्लों महज 1921 मतों से चुनाव हार गए थे। इस याचिका पर एनके शर्मा की ओर से पेश हुए एडवोकेट धीरज जैन ने कहा कि उम्मीदवार को किसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के बारे जानकारी देना एक्ट के तहत जरुरी ही नहीं है। जो जानकारी दी जानी चाहिए थी वह सभी जानकारी शर्मा ने नामांकन में दी है ऐसे में यह याचिका ही मैंटेनेबल नहीं है।
हाईकोर्ट पहले ही यह कह चुका है कि याचिका में उठाए गए मुद्दों से पहले यह तय किया जाएगा कि याचिकाकर्ता ने एनके शर्मा के खिलाफ जो आरोप लगाए हैं वह सही हैं या नहीं। जस्टिस सुदीप आहलुवालिया ने ढिल्लों द्वारा दायर इस चुनावी याचिका को खारिज करते हुए कहा कि शर्मा ने नामांकन भरते समय किसी भी ऐसे तथ्य को नहीं छिपाया है, जिनकी जानकारी देना अनिवार्य था।