फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सदन में बत्रा बोले: आज तक पीपीपी के नियम सदन में नहीं आए, सीएम बोले- मेरे ध्यान में नहीं, 2 दिन में पेश करेंगे

Fri, 25 Aug 2023 10:50 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

पीपीपी मुद्दे पर कांग्रेसियों ने सरकार को विधानसभा में घेरा तो सीएम मनोहर ने पलटवार किया। विधानसभा में विधायक भारत भूषण बत्रा ने कहा कि मेयर और सांसद की आया 1.80 लाख दिखाई गई है। इसपर सीएम ने भी पलटवार किया। 
विज्ञापन
हरियाणा विधानसभा में बोलते सीएम मनोहर लाल। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा सरकार की महत्वाकांक्षी योजना परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर हरियाणा सरकार को घेरने की कोशिश की। रोहतक से कांग्रेस विधायक भारत भूषण बत्रा ने कहा कि परिवार पहचान पत्र अथॉरिटी तो बन गया है, लेकिन अथॉरिटी के नियमों को आज तक सदन में नहीं रखा गया। इस मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि यह उनके ध्यान में नहीं है।

विज्ञापन


यदि ऐसा नहीं है तो नियमों को सत्र में ही अगले दो दिन में पेश कर दिया जाएगा। पीपीपी की प्रामाणिकता व आंकड़ों में विसंगतियों को उजागर करते हुए बत्रा ने कहा, यह विडंबना है कि भाजपा के अपने राज्यसभा सदस्य राम चंद्र जांगड़ा की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये दिखाई गई है और उन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभ के लिए पात्र बता दिया गया। इसी तरह, भाजपा के ही मेयर मनमोहन की आय भी 1.80 लाख दिखा उन्हें पात्र बताया गया।

मनमोहन तो अरबपति हैं, उन्होंने गलत जानकारी नहीं दी होगी : हुड्डा
इतने में विपक्ष नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी उठे और कहा कि मैं व्यक्तिगत रूप से मनमोहन को जानता हूं। वह एक अरबपति व्यक्ति है। मनमोहन व रामचंद्र जांगड़ा ने कभी ऐसी गलत जानकारी नहीं दी होगी। यह सब उन पोर्टलों के कारण है जो सरकार हर दूसरे दिन पेश कर रही है। यदि ये पोर्टल वह काम नहीं कर रहे हैं जिसके लिए इन्हें बनाया जा रहा है, तो सरकार ने एजेंसी पर क्या कार्रवाई की। विधायक किरण चौधरी ने मांग की कि पीपीपी को ख़त्म कर दिया जाए।
विज्ञापन


मनोहर ने कहा-2011 में महलों में रहने वालों के बने थे बीपीएल कार्ड
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पलटवार करतेे हुए कहा कि 2011 में कांग्रेस शासन के दौरान रोहतक के आलीशान मकानों में रहने वाले लोगों के बीपीएल कार्ड बनवा दिए गए थे। ऐसे 50 लोगों के नाम अखबार में प्रकाशित हुए थे। ये वे लोग थे, जिनके पास कोठियां और कारें भी थीं। हमारी सरकार ने तो साढ़े 12 लाख नए राशन कार्ड बनवाएं है, वो भी जनवरी 2023 में। यदि कोई व्यक्ति गलत तरीके से लाभ ले रहा है, तो उनका नाम काटने का भी प्रावधान सरकार ने किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें