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3 महीने से लापता बेटे के लिए राज्यमंत्री के घर के बाहर धरने पर बैठे हैं परिजन, पर वे नहीं आए मिलने

Sun, 07 Oct 2018 12:35 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रेवाड़ी(हरियाणा)
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पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
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तीन माह पहले 27 जून को लापता हुई नाबालिग छात्रा को नहीं खोज पाने के विरोध में बावल 84 महापंचायत सहित कई संगठनों के लोग राज्यमंत्री बनवारी लाल के घर के बाहर धरना दे रहे हैं। 4 अक्तूबर से लोग धरने पर हैं और मंत्री इन लोगों से मिलने से कतरा रहे हैं। शुक्रवार को मंत्री तब घर आए जब धरना खत्म हो गया था। शनिवार को मंत्री पूरे दिन अपने घर में मौजूद रहे, लेकिन पंचायत का सामना नहीं किया। उन्हें बुलाया गया, लेकिन वह पंचायत में नहीं गए। इससे लोगों में रोष है। हालांकि, मंत्री का कहना है कि उन्हें पंचायत में बुलाया नहीं गया था।
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वहीं, शनिवार को बावल बंद रखा गया। इस दौरान बाजार के साथ ही निजी स्कूल तक नहीं खुले। वहीं, महापंचायत ने 16 अक्तूबर को महापंचायत करने का एलान किया है। यह भी फैसला लिया कि मुख्यमंत्री के 16 अक्तूबर के कार्यक्रम का बहिष्कार किया जाएगा। दरअसल, जिस स्थान पर लोग धरने पर बैठे हैं वह राज्यमंत्री के कार्यालय से करीब 150 मीटर अंदर है। राज्यमंत्री के आवास को जाने वाली दूसरी सड़क भी है। शुक्रवार को राज्यमंत्री शाम चार बजे धरना समाप्त होने के बाद अपने घर पहुंचे थे। मंत्री शनिवार और रविवार को आवास पर लोगों की समस्याएं सुनते हैं।

इसी वजह से सुबह ही काफी संख्या में पुलिस बल राज्यमंत्री के आवास के बाहर तैनात कर दिया गया था। वहीं, धरनास्थल पर सभी राजनीतिक दलों के लोगों के पहुंचने की वजह से काफी सियासी तीर चले। तकरीबन सभी वक्ताओं ने राज्यमंत्री को घेरा। लोगों में इस बात पर गुस्सा था कि मंत्री घर में हैं, लेकिन पंचायत में नहीं आए।
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यह है मामला
बावल के गांव मोहनपुर से अनुसूचित जनजाति वर्ग की एक नाबालिग छात्रा 27 जून को लापता हो गई। तब से छात्रा का सुराग नहीं लग पा रहा है। ग्रामीणों ने जुलाई माह में तीन बार पंचायत की तो पुलिस ने एसआईटी का गठन किया, लेकिन छात्रा का सुराग नहीं लग पाया। इसके बाद परिजन सितंबर माह में जिला सचिवालय पहुंचे। यहां उनकी बात सुनने के बजाय खदेड़ दिया गया।

क्षुब्ध होकर परिजनों ने राजीव चौक पर धरना शुरू कर दिया। डेढ़ माह तक धरना देने के बाद जन स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने मामले में डीजीपी से मुलाकात की। इसके बाद मामला स्टेट क्राइम ब्रांच को सौंपा गया। एक माह बाद भी स्टेट क्राइम ब्रांच छात्रा का सुराग नहीं लगा पाई तो तीन अक्तूबर को बावल चौरासी की महापंचायत हुई। महापंचायत के बैनर तले राज्यमंत्री बनवारीलाल के आवास के बाहर चार अक्तूबर से धरना दिया जा रहा है।

मामले में पीड़ित परिवार के प्रति मेरी पूरी सहानुभूति है। फिलहाल स्टेट क्राइम ब्रांच तेजी से जांच कर रही है। फिर भी परिजन किसी अन्य एजेंसी से जांच कराना चाहते हैं तो इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा। आज मेरा केवल रेवाड़ी में कार्यक्रम था, जिसमें मैं भाग लेकर आम लोगों के बीच में आ गया था। पंचायत में बुलाने का मेरे पास कोई संदेश नहीं आया।
- बनवारीलाल, जन स्वास्थ्य राज्यमंत्री

मामले में हम गंभीर हैं। पुलिस टीमें संभावित स्थानों पर भेजी गईं हैं। जांच के बारे में अभी अधिक खुलासा नहीं कर सकता। कुछ अहम सुराग मिले हैं। जल्द ही सफलता हासिल कर लेंगे। स्टेट क्राइम ब्रांच की टीम हमारे संपर्क में है। जनता को पुलिस का सहयोग करना चाहिए।
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-राहुल शर्मा, पुलिस अधीक्षक
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