शामलात जमीनों की बोली के लिए अब कम से कम 15 हजार रुपये की रकम तय जाएगी और सफल बोलीकार से जमीन का ठेका नकद भरवाया जाएगा। उन्होंने इस बात पर कड़ा नोटिस लिया कि राज्य में अनेक शामलात जमीनें मामूली दर पर ठेके पर दे दी जाती हैं, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान होता है, जो जमीनें किसी कारण ठेके पर नहीं दी जा सकेंगी, उन स्थानों पर वन विकसित किए जाएंगे और ऐसी सभी जमीनों पर एक जुलाई से वन लगाने की शुरुआत की जाएगी। धालीवाल ने कहा कि यह फैसला इस कारण लिया गया है क्योंकि इससे मनरेगा के अंतर्गत काम करने वाले लोगों को रोजगार मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण में भी सहायता होगी।
कब्जे में आए सरकारी रास्तों के लिए वसूली 20 जून तक
सभी डीडीपीओ को हिदायत देते हुए ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री ने कहा कि पंजाब के किसी भी इलाके में काटी गई कॉलोनियों के अधीन जो सरकारी रास्ते या खाल आ गए हैं, उनके लिए पैसे की वसूली संबंधित कॉलोनी मालिकों या जो भी इसका देनदार है, से हर हाल में 20 जून तक कर ली जाए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
डीडीपीओ को भी दी जाएगी रेवेन्यू ट्रेनिंग
धालीवाल ने सभी डीडीपीओ को रेवेन्यू ट्रेनिंग दिलाए जाने की वकालत करते हुए कहा कि जिला विकास एवं पंचायत अफसरों का सीधा संबंध जमीनी मामलों से होता है, इसलिए उन्हें राजस्व विभाग के बुनियादी कामकाज की समझ भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी डीडीपीओ की जल्द रेवेन्यू ट्रेनिंग करवाई जाएगी, ताकि विभाग का काम और सुचारु तरीके से चल सके।