सूत्रों ने बताया कि उसके बाद वर्ष 2018 को आधार बनाते हुए गत वर्ष निदेशालय की ओर से मेहनताना वृद्धि का एक प्रस्ताव तैयार किया और उसे मंजूरी के लिए सरकार को भेज दिया।
सूत्रों के अनुसार इस प्रस्ताव में होमगार्ड जवानों के मेहनताने को 33 फीसदी तक बढ़ाने का प्रस्ताव था। मगर अब वर्ष 2020 भी गुजरने वाला है। अभी तक इस प्रस्ताव पर कोई फैसला नहीं हुआ है। गृहमंत्री अनिल विज का कहना था कि होमगार्ड जवानाें के मेहनताना वृद्धि पर काम चल रहा है। इस पर हम जल्द फैसला लेंगे।
उधर, होमगार्ड जवानों का कहना है कि यदि मेहनताना वृद्धि का प्रस्ताव वर्ष 2018 के आधार पर बना है, तो उन्हें इस वृद्धि के बावजूद आर्थिक नुकसान होगा, क्योंकि अब वर्ष 2020 भी गुजरने वाला है। मेहनताना वृद्धि पुलिस विभाग की तर्ज पर हर साल होनी चाहिए। लिहाजा इस प्रस्ताव को वर्ष 2020 के आधार संशोधित कर सरकार से पास करवाया जाए।
विभाग ने होमगार्ड जवानों के मेहनताना वृद्धि की सिफारिश सरकार को प्रस्ताव के रूप में की हुई है। मामला विचाराधीन है। जिस पर सरकार को निर्णय लेना है। यदि मेहनताना बढ़ता है, तो निसंदेह होमगार्ड जवानों का हौसला भी बढ़ेगा और वे ज्यादा उत्साह से काम करेंगे। जल्द ही सरकार स्तर पर इस संदर्भ में बैठक होनी है। उम्मीद है जल्द ही इस पर फैसला हो जाएगा। - एसके जैन, एडीजीपी, हरियाणा होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस निदेशालय।