यशपाल गर्ग ने कहा कि कोविड की तीसरी लहर की चर्चाएं भी अब तेजी से होने लगी हैं, इसलिए इन्हें तीसरी लहर के लिए भी बैकअप में रखा जा सकता है। इस बारे में कोई आखिरी फैसला प्रशासक वीपी सिंह बदनौर एक-दो दिनों में लेंगे।
बीते दिनों यूटी प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने भी अमर उजाला से बातचीत में कहा था कि मिनी कोविड केयर सेंटरों का इस्तेमाल अब तीसरी लहर के लिए किया जाएगा। शहर में कोरोना की संक्रमण की दर 8.6 प्रतिशत तक पहुंच गई है। ऐसे में अधिकारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में रोजाना के केसों की संख्या दो डिजिट में पहुंच जाएगी।
कोरोना के कम होते मरीजों की संख्या को देखते हुए यूटी प्रशासन ने मंगलवार को सूद धर्मशाला व धन्वंतरि अस्पताल को पूरी तरह से खाली कर दिया और उनके प्रबंधको को सौंप दिया। बीते दिनों प्रशासन ने फैसला लिया था कि अब इन दोनों जगहों पर नए मरीजों को भर्ती नहीं करेंगे। मंगलवार को जो कुछ मरीज यहां भर्ती थे, उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया और फिर इन्हें प्रशासन की ओर से खाली कर दिया गया।
सूद धर्मशाला में मरीजों को रखने के लिए प्रशासन को रोजाना 90 हजार रुपये किराया देना पड़ रहा था। अन्य खर्चे अलग थे, इसलिए इन्हें खाली करने पर प्रशासन की रोजाना लाखों की बचत होगी। अब जो भी कोरोना के कम गंभीर मरीज हैं, उन्हें मिनी कोविड सेंटरों में ही भर्ती किया जा रहा है।
यह है सेंटरों की स्थिति (मंगलवार शाम 7.30 तक)
स्थान कुल बेड मरीज भर्ती
वर्किंग वुमेन हॉस्टल, सेक्टर-23 50 48
इंदिरा हॉलीडे होम, सेक्टर-24 47 47
स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, सेक्टर-34 50 21
श्री अरबिंदो स्कूल, सेक्टर-27 25 23
कम्युनिटी सेंटर, सेक्टर-47 20 11
जीएमएसएसएस, सेक्टर-8 50 03
स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, सेक्टर-43 50 07