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चंडीगढ़ : पिछली बार के मुकाबले सुखना लेक पर कम आए प्रवासी पक्षी

Fri, 13 Nov 2020 06:17 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सुखना लेक पर प्रवासी पक्षियों का समूह।
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बर्डमैन ऑफ इंडिया सलीम अली की जयंती के उपलक्ष्य में चंडीगढ़ बर्ड क्लब की ओर से गुरुवार को प्रवासी पक्षियों की गिनती का आयोजन किया गया। इस दौरान पानी में रहने वाली पक्षियों की 39 प्रजातियां मिलीं। इन प्रजातियों के 429 पक्षियों ने सुखना लेक पर अपना बसेरा डाल दिया है। इस दौरान पेड़ों पर रहने वाली पक्षियों की 43 प्रजातियों को कैमरे में कैद किया गया। हालांकि पिछले साल के मुकाबले इस बार पक्षियों में थोड़ी कमी है। पिछली बार नवंबर तक 629 पक्षी शहर पहुंचे थे।

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चंडीगढ़ बर्ड क्लब के प्रेसिडेंट एमएस सेखों ने बताया कि प्रवासी पक्षियों के आने की शुरुआत हो चुकी है। जैसे-जैसे पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़नी शुरू होगी पक्षी और अधिक आएंगे। सुखना लेक पर सर्दियों में हर साल प्रवासी पक्षी आते हैं, जिनकी गिनती और उनके पहचान की जिम्मेदारी चंडीगढ़ बर्ड क्लब उठाता है।

संस्था हर साल सर्दियों के आगमन और समाप्ति के मौके पर पक्षियों को गिनता है और उनकी प्रजातियों के बारे में भी जानकारी साझा करता है। बर्ड वॉचिंग के लिए संस्था ने कुल तीन टीमें बनाई थीं। हर टीम में चार बर्ड वॉचरों को शामिल किया गया था। इन टीमों ने सुखना लेक व उसके आसपास के क्षेत्रों का दौरा कर पक्षियों की खोजबीन की।

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सुखना लेक पर बने प्राकृतिक आईलैंड

बर्ड वॉचर विकास शर्मा ने बताया कि सुखना लेक में इस समय आईलैंड उभर आए हैं, जो पूरी तरह से प्राकृतिक हैं। पक्षियों की गिनती के दौरान उस पर कई सारे प्रवासी पक्षी रुडी शेल्डक देखे गए। आइसलैंड बहुत दिनों के बाद देखे गए हैं। धूप निकलने पर इन आइसलैंड पर पक्षी बैठकर धूप सेंकते हैं। इससे लोगों को पक्षियों के नजारे ज्यादा देखने को मिलेंगे।

ये दुर्लभ पक्षी भी देखे गए
प्रवासी पक्षियों के दौरान कई दुर्लभ पक्षी देखे गए, जो चंडीगढ़ में बहुत कम बार देखे गए हैं। इनमें एक पक्षी ट्री कापर है, जो पेड़ों में रहता है। पेड़ों की छाल से कीड़ों को निकालकर खाता है। ऊंचाई वाले स्थानों पर यह ज्यादा पाया जाता है। बर्ड वॉचरों ने रेड बिल्ड ब्लू मैग्पी नामक पक्षी भी देखा। इस पक्षी की लंबी पूंछ होती है और यह खूब जोर से आवाज निकालता है। यह भी ऊंची पहाड़ियों में पाया जाता है। यह मुख्य रूप से कौआ प्रजाति का होता है। तीसरा पक्षी ब्लू बीयर्ड बीईटर देखा गया है। यह अक्सर मधुमक्खी के छत्ते के पास पाया जाता है। यह मधुमक्खियों को खाता है।
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