चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी मेस व कैंटीन में खाने के रेट कम करने को लेकर निर्णय नहीं ले पाई। इसे लेकर छात्रों में आक्रोश है। उन्होंने पीयू प्रशासन को इस समस्या के समाधान के लिए पत्र लिखे हैं। वहीं, दूसरी ओर सीनेटर रविंदर धालीवाल ने भी यह मुद्दा सीनेट की बैठक में प्रमुखता से उठाया है। माना जा रहा है कि अब कुछ दिन में यह समस्या हल हो सकती है।
कोरोना की दूसरी लहर के बाद से विश्वविद्यालय ने पीजी अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को भी कैंपस बुलाया था। उसके बाद छात्रावास सभी खोल दिए गए। मेस व कैंटीनें भी खुल गईं। छात्र खाने के लिए पहुंचे तो उनसे रेट अधिक लिए गए। यह बात छात्रों में फैल गई। यह प्रकरण छात्र संगठनों तक पहुंचा तो उन्होंने विरोध जताया। उन्होंने धरना-प्रदर्शन किया। पीयू प्रशासन ने उन्हें आश्वासन दिया था कि इस पर विचार करेंगे। रेट कम करेंगे, लेकिन अब तक कुछ नहीं हो पाया। छात्र विनोद शर्मा, विक्रम सिंह, कुमार अभिषेक आदि ने पीयू प्रशासन को अब चिट्ठी भेजी है। कहा है कि खाने के रेट अधिक होने के कारण उनकी जेब पर प्रभाव पड़ रहा है। उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं। कहा कि जल्द से जल्द यह रेट कम किए जाएं ताकि छात्रों को राहत मिल सके। कहा कि छात्र यहां पढ़ने आए हैं। उनसे अधिक पैसे न वसूले जाएं।