एनडीए शासित राज्यों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंडीगढ़ में वीरवार को हुई राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में पी2जी2 फॉर्मूला दिया। पीएम ने मुख्यमंत्रियों और उप मुख्यमंत्रियों को प्रो-पीपल और प्रो-गवर्नेंस (पी2जी2) पर ध्यान देने के लिए कहा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि पीएम ने पी2जी2 फॉर्मूला देते हुए इस बात पर जोर दिया कि गुड गवर्नेंस के जरिये लोगों की समस्याओं का समाधान होना चाहिए। उसके लिए यह बेहद जरूरी है कि प्रशासन की मूल अवधारणा इस बात पर निर्भर करती है कि वह लोगों की समस्याओं व शिकायतों को कैसे दूर कर सकते हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बताया कि एनडीए मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में 17 सीएम और 18 डिप्टी सीएम मौजूद रहे। इस दौरान पीएम के नेतृत्व में छह अहम प्रस्ताव पेश किए गए। सभी मुख्यमंत्री और उप मुख्यमिंत्रयों की सहमति से इन प्रस्तावों को मंजूर किया गया। नड्डा ने कहा कि पहली बार आजाद भारत में जम्मू-कश्मीर में देश के संविधान के तहत शपथ ग्रहण समारोह हुआ, जो अनुच्छेद-370 को हटाने के बाद देश की एकता व अखंडता को दिखाता है। इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव, मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा, मणिपुर के मुख्यमंत्री ए बीरेन सिंह, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा भी सम्मेलन में शिरकत की। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, नगालैंड के मुख्यमंत्री नीफियू रियो, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू शामिल हुए।
इन छह प्रस्तावों को मिली मंजूरी
- मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में पहला प्रस्ताव महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने रखा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में बनाई गई नीतियों के सहारे हरियाणा विधानसभा की जीत जनता का भरोसा दिखाती है। भाजपा को हरियाणा चुनाव में किसानों, युवाओं और खिलाड़ियों ने भरोसा जताया है।
- दूसरा प्रस्ताव केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रखा कि वर्ष 2025 में संविधान का अमृत महोत्सव मनाया जाएगा। संविधान को लागू हुए 75 वर्ष पूरे होने पर देश के हर राज्य में लोगों को संविधान के अब तक के सफर के बारे में जागरूक किया जाएगा।
- तीसरा प्रस्ताव केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रखा कि 2025 में संविधान के अमृत महोत्सव के दौरान 1975 में लगाई गई इमरजेंसी की 50वीं वर्षगांठ पर लोकतंत्र की हत्या पर चर्चा की जाएगी।
- चौथा प्रस्ताव यह रखा गया कि अगले वर्ष बिरसा मुंडा, सरदार पटेल और अटल बिहारी वाजपेयी के 100वीं जयंती मनाई जाएगी।
- आंध्र प्रदेश के सीएम एन चंद्रबाबू नायडू ने सेल्फ रिलायंट इंडिया को लेकर प्रस्ताव रखा, उन्होंने कहा कि हमें विकासित भारत के लिए यह सुनिश्चित करना होगा कि भारत कैसे पूरी तरह आत्मनिर्भर बन सकता है।
- उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह ने डिजिटल इंडिया के क्षेत्र में भारत को आगे बढ़ाने पर प्रस्ताव रखा। महाराष्ट के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भारत के 5 ट्रिलियन इकाॅनमी बनने के रोडमैप पर प्रस्ताव रखा और इसमें एनडीए शासित राज्यों को सहयोग देने के लिए कहा। इसी के साथ एनडीए शासित राज्यों में एक पेड़ मां के नाम मुहिम को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
राज्यों के एकजुटता से तय होगी विकसित भारत की राह: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकासित भारत के रोडमैप को आगे बढ़ाने की इच्छा शक्ति जाहिर की। पीएम ने कहा राज्यों के एकजुटता से ही विकसित भारत की राह तय होगी। एक राष्ट्र एक एजेंडा की बात करते हुए पीएम ने एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्रियों से इसके लिए आपसी तालमेल बढ़ाने पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए शासित राज्यों को निर्देश देते हुए कहा कि विकसित भारत के लिए यह जरूरी है कि सभी राज्य केवल अपने मुद्दों पर ही ध्यान केंद्रित न रखें। विकसित भारत के लिए जरूरी है कि सभी राज्य आपस में मिलकर आगे बढ़ें।