मंत्री जी.. फिर मेरी आईडी ही दिल्ली की बनवा दो। कम से कम वहां बच्चे तो अच्छी तरह से पढ़ लेंगे। यहां तो हालात खराब हैं। ये बात करनाल के फूसगढ़ निवासी गुरमीत सिंह ने उस वक्त शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुज्जर को कही। जब जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक के एजेंडे में उसके मामले की सुनवाई पर कोई हल नहीं निकला।
दिल्ली में शिक्षा के नाम पर शिक्षा मंत्री भी चिढ़ गए और तीखे तेवरों में गुरमीत से बोले, प्यार से तेरी बात सुन रहा हूं तो वो काफी नहीं क्या.. जो जी आए बोल रहे हो.. ऐसा नहीं करना चाहिए। और तुम चिंता ना करो.. हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई तो फ्री है ही, अगले सत्र से वर्दी और किताबें भी फ्री मिलेंगी। शुक्रवार को करनाल के पंचायत भवन में शिक्षा मंत्री जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में मामलों पर सुनवाई कर रहे थे।
एफिडेविट लेकर जमीन भी एसई को दे दो..
बैठक में मामला नंबर सात फूसगढ़ निवासी गुरमीत सिंह के ट्यूबवेल कनेक्शन को शिफ्ट करने का था। इस पर नियमों का हवाला देते हुए बैठक में एक्सईएन ने कह दिया कि कनेक्शन शिफ्ट नहीं कर सकते। तो प्रार्थी ने कहा कि कई बार शिकायत भी कर चुका हूं। एसई किसी की सुनते नहीं, ऐसी उनके पास कौन सी पावर है? डीसी, विधायक, मंत्री सभी से कहलवा भी दिया। इस पर जब मंत्री बोले कि अब हमें कनेक्शन शिफ्ट करने के लिए अब नियम बदलना पड़ेगा? तो छूटते ही गुरमीत बोला कि ठीक है एफिडेविट ले लो मुझसे और जमीन एसई को दे दो..। और हमें दिल्ली की आईडी दिलवा दो।
मंत्री ने शिक्षा व्यवस्था पर दिया जवाब..
बोले- शिक्षकों की कमी होगी पूरी, स्कूल बंद करने का फैसला भी टला
वहीं, इस मामले के बाद बैठक के दौरान और बैठक के बाद भी पत्रकारों के सवाल पर शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुज्जर ने शिक्षा व्यवस्था पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि आने वाला बजट प्रदेश के लोगों के लिए काफी फायदेमंद होगा। अगर शिक्षा की बात करें तो पहली से बारहवीं कक्षा तक निशुल्क वर्दी, किताब व निशुल्क पढ़ाई दी जाएगी।
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के प्रबंध किए जा रहे हैं। उन्होंने बिजली बिल न भरने के कारण जिन स्कूलों के बिजली के कनेक्शन कट गए थे, बिल भरकर सभी स्कूलों के कनेक्शन जुड़ गए हैं। आने वाले समय में सौर ऊर्जा के माध्यम से स्कूलों में बिजली का समाधान किया जाएगा। जिन स्कूलों में बच्चे नहीं है, उन स्कूलों को बंद करने का प्रावधान था, परंतु ग्रामीणों के द्वारा स्कूलों में बच्चे दाखिला करवाने के आश्वासन पर यह फैसला टाल दिया गया है।