बैठक में प्रदेश के कई डिपो से आए प्रधान व अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। 11 बजे बंद कमरे में तालमेल कमेटी के सदस्यों की बैठक शुरू हुई। इस दौरान एक-एक करके सरकार द्वारा लिए गए फैसलों और आदेशों पर मंथन किया गया। मुद्दा उठाया गया कि सरकार ने सभी डिपो में लगे अस्थायी चालकों को हटाने का आदेश दिया है, जबकि अधिकतर डिपो के महाप्रबंधक जरूरत के हिसाब से चालक व परिचालकों की मांग भेज रहे हैं।
जाहिर है कि पिछले16 दिन तक की गई हड़ताल से सरकार बौखला गई है। इस तरह के फैसला लेकर सरकार रोडवेज कर्मियों को हतोत्साहित करना चाहती है। इस पर एक सुर में फैसला लिया गया कि सरकार के मंसूबों को पूरा नहीं होने देंगे। सरकार ने ओवरटाइम खत्म करके जनता की परेशानी बढ़ा दी है। इस कारण बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। कमेटी पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार रोडवेज को खत्म करके निगम बनाना चाहती है। ठेके पर बसों का संचालन करवाना चाहती है।
बैठक में तालमेल कमेटी के बाबूलाल यादव, इंद्र बधाणा, वीरेंद्र धनखड़, दलबीर किरमारा, अनूप सहरावत, सरबत पूनिया, बलवान सिंह दोदवा, आजाद गिल आदि नेताओं ने सरकार द्वारा लिए जा रहे कर्मचारी व जनविरोधी फैसलों की निंदा की। बैठक में सामूहिक रूप से चरणबद्ध आंदोलन करने का फैसला लिया।