चंडीगढ़ में बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि किसान आंदोलन को खत्म करने का उनके पास कोई फार्मूला तो नहीं है, लेकिन चर्चा करने से कोई न कोई समाधान जरूर निकलता है। किसान आंदोलन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया था कि केंद्र लगातार आंदोलनरत किसानों के संपर्क में है।
किसान आंदोलन का हल निकालने के लिए पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की गुरुवार को होने वाली मुलाकात टल गई है। केंद्रीय गृह मंत्री के गुजरात दौरे पर जाने के कारण इस अहम मुलाकात की तिथि को आगे बढ़ा दिया गया है। हालांकि अभी मुलाकात की नई तारीख का खुलासा नहीं किया गया है।
विज्ञापन
कैप्टन अमरिंदर सिंह शाह से मिलने के लिए बुधवार रात ही दिल्ली रवाना हो गए थे। इस बार कैप्टन अपने साथ पंजाब के किसानों और कृषि विशेषज्ञों का 25 सदस्यीय दल भी साथ लेकर गए थे। इस मुलाकात के दौरान अमरिंदर सिंह ने तीनों कृषि कानूनों को लेकर शाह के साथ चर्चा करनी थी, ताकि किसान आंदोलन का समाधान निकाला जा सके।
इससे पहले चंडीगढ़ में बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि किसान आंदोलन को खत्म करने का उनके पास कोई फार्मूला तो नहीं है, लेकिन चर्चा करने से कोई न कोई समाधान जरूर निकलता है। किसान आंदोलन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया था कि केंद्र लगातार आंदोलनरत किसानों के संपर्क में है। दोनों पक्षों के बीच पर्दे के पीछे से बातचीत जारी है। कैप्टन के करीबियों ने बताया कि कृषि कानूनों का हल निकालने के बाद ही कैप्टन के द्वारा नई राजनीतिक पार्टी की घोषणा की जाएगी।
सीएम रहते क्यों नहीं निकाला हल
किसान आंदोलन को लेकर सक्रिय हुए पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेसियों के निशाने पर आ गए हैं। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री भारत भूषण आशु ने कैप्टन पर हमला बोलते हुए कहा है कि कैप्टन को मुख्यमंत्री रहते हुए ही किसान आंदोलन का हल निकालना चाहिए था, इससे उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी भी बच सकती थी।