हरियाणा के औद्योगिक विकास के मद्देनजर करनाल में 225 एकड़ भूमि पर मेडिकल डिवाइस पार्क बनेगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार को वेबिनार के माध्यम से उद्यमियों से बातचीत में दी। उन्होंने बताया कि यह पार्क पानीपत में प्रस्तावित बल्क ड्रग्स पार्क से महज 25 किलोमीटर की दूरी पर तैयार होगा। इस पार्क के स्थापित होने से देश में थोक दवाओं के विनिर्माण लागत और थोक दवाओं के लिए अन्य देशों पर निर्भरता कम होगी।
आत्मनिर्भर भारत-मेड इन इंडिया, मेड फॉर वर्ल्ड की दिशा में एक कदम-सीआईआई फार्मास्कोप के उद्घाटन सत्र में 15 शीर्ष कंपनियों के लगभग 325 प्रतिनिधियों ने भारत के लिए वैश्विक फार्मास्युटिकल लीडर बनने के मार्ग प्रशस्त करने के लिए रणनीतियों पर विचार-विमर्श करने के लिए आयोजित सीआईआई फार्मास्कॉप में भाग लिया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि 1000 एकड़ भूमि पर पानीपत में ‘बल्क ड्रग्स पार्क’ विकसित किया जाना प्रस्तावित है, जिसका विस्तार 1700 एकड़ भूमि में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पानीपत की नई दिल्ली से निकटता एक अतिरिक्त लाभ भी है और पानीपत के केंद्रित होने से पड़ोसी राज्यों पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी मात्रा में दवाओं की कच्ची सामग्री की आपूर्ति हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि देश में फार्मास्युटिकल उत्पादों के उत्पादन में राज्य का 45 प्रतिशत हिस्सा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भावी निवेशकों को लीजहोल्ड मॉडल पर जमीन दे सकती है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उन लोगों को नीति के अनुसार अधिकतम प्रोत्साहन और सब्सिडी प्रदान करेगी। जो पार्क में अपनी इकाइयां स्थापित करेंगे।
उन्होंने कहा कि पानीपत में एक औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) भी विकसित किया जाना प्रस्तावित है। जिसमें सामान्य गोदामों सहित फार्मास्युटिकल उद्योगों के लिए आवश्यक विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा शामिल होगा। इस अवसर पर उद्योग विभाग के प्रधान सचिव एके सिंह, हरियाणा औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) के प्रबंध निदेशक अनुराग अग्रवाल और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।