चंडीगढ़ प्रशासन ने मेयर चुनाव की तिथि घोषित कर दी है। आठ जनवरी को चंडीगढ़ के 28वें मेयर का चुनाव किया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार मेयर पद के लिए महिला सीट आरक्षित है। मेयर के साथ सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का भी चुनाव होगा। इसके लिए मंगलवार (चार जनवरी) शाम पांच बजे तक ही नामांकन होंगे।
चुनाव की तिथि घोषित होने के साथ ही भाजपा व आम आदमी पार्टी में लॉबिंग तेज हो गई है, क्योंकि इस बार इन्हीं दोनों पार्टियों के बीच मुख्य मुकाबला है। हालांकि दोनों पार्टियों के पास बहुमत का आंकड़ा नहीं है। चुनाव के लिए पार्षद महेश इंदर सिंह सिद्धू को प्रेसाइडिंग अधिकारी बनाया गया है।
मेयर पद के चुनाव की घोषणा होने के बाद अब पार्षदों की अग्निपरीक्षा होगी। कौन सा पार्षद किस पार्टी के पाले में खड़ा नजर आएगा, ये आठ जनवरी को पता चल जाएगा। चुनाव की घोषणा होने के साथ मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद की इच्छा रखने वाले पार्षद पार्टी नेता व हाईकमान से संपर्क करने में जुट गए हैं। हालांकि इस बार का मेयर चुनाव काफी अलग रहने वाला है।
अब तक सिर्फ भाजपा और कांग्रेस के बीच टक्कर होती थी लेकिन इस बार कांग्रेस मैदान से लगभग बाहर है और मुकाबला भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच है। कुछ महीनों बाद पंजाब में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी दोनों ही चंडीगढ़ में अपना मेयर बनाकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन करना चाहती हैं। इसके लिए दोनों पार्टियों ने पूरी ताकत झोंक दी है।
भाजपा और आप के पास 14-14 वोट, दोनों बहुमत से दूर
नगर निगम चुनाव में भाजपा को 12, कांग्रेस को 8 और अकाली दल को एक सीट मिली है। मेयर चुनाव में एक वोट स्थानीय सांसद का भी होता है, इसलिए कुल 36 वोट हो जाते हैं। इसमें जिस भी पार्टी के पास 19 वोट होंगे, उनका मेयर बन जाएगा। किरण खेर भाजपा की सांसद हैं, इसलिए भाजपा के पास 13 वोट हो गए थे। अब रविवार को कांग्रेस की पार्षद हरप्रीत कौर बबला के भाजपा में शामिल होने के बाद भाजपा के खाते में भी 14 वोट हो गए हैं। आप के पास भी 14 वोट हैं।
वहीं, कांग्रेस के पास अब सात वोट ही बचे हैं। भाजपा और आम आदमी पार्टी को मेयर बनाने के लिए पांच वोटों की जरूरत है और दोनों की नजर कांग्रेस के पार्षदों पर है। आप के प्रदेश संयोजक प्रेम गर्ग का कहना है कि शहरवासियों ने 14 सीटें देकर आप को चुना है, इसलिए उनकी पार्टी का मेयर बनना चाहिए, जबकि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद का कहना है कि अन्य पार्टियों के पार्षद अपनी अंतरआत्मा की आवाज सुनकर और शहर में विकास को गति को देने के लिए भाजपा का मेयर बनाएं।
कमला शर्मा थीं पहली मेयर
नगर निगम चंडीगढ़ की पहली मेयर कमला शर्मा थीं जबकि सबसे अधिक कार्यकाल वाले मेयर देवेश मोदगिल हैं। उनका कार्यकाल 9 जनवरी 2018 को शुरू हुआ और कार्यकाल की समाप्ति 18 जनवरी 2019 को हुई। सबसे कम कार्यकाल वाले मेयर गुरचरण दास काला रहे। काला एक्टिंग मेयर बनाए गए थे। उनका कार्यकाल मात्र 27 दिनों का रहा था।