पठानकोट पहुंचे सीएम अमरिंदर सिंह
मुख्यमंत्री ने बैराज स्थल पर पौधरोपण भी किया। सीएम ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से पाकिस्तान को जाने वाले पानी में भारी कमी आएगी और सूबे के बहुमूल्य जल स्त्रोतों को बचाने में यह सहयोगी साबित होगा। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट के कारण बेघर हुए 230 परिवारों को नौकरियों की पेशकश की गई है। 5500 साल पुराने मुक्तेश्वर महादेव मंदिर को बचाने के लिए बड़ी दीवार का निर्माण करवाया जाएगा।
अकालियों ने पंजाब को बना दिया कंगाल
पंजाब की आर्थिक बदहाली पर सीएम ने कहा कि पंजाब के खराब हालात अकालियों की बदौलत हैं। 2007 में जब अकालियों ने सत्ता संभाली तो पंजाब पर 43 हजार करोड़ का कर्ज था। 10 साल के कार्यकाल के बाद कर्जा बढ़कर 2.10 लाख करोड़ हो गया।
2017 से बंद था निर्माण कार्य
बैराज का निर्माण कार्य चौथी बार 13 मार्च 2013 को शुरू हुआ था। जिसको अक्तूबर 2016 तक पूरा करना था। इसमें मुख्य बांध का निर्माण कार्य 687 करोड़ में सोमा कंपनी द्वारा 42 माह में किया जाना था लेकिन 30 अगस्त 2014 की रात को जम्मू-कश्मीर सरकार ने बैराज का निर्माण कार्य बंद करवा दिया।
लगभग 4 साल का समय बीत जाने के बाद बैराज का निर्माण शुरू हो सका। ऊर्जा मंत्री जीएस कांगड़, विधायक अमित विज, विधायक जोगिंद्र पाल, विधायक बीएस पाहड़ा, पंजाब कांग्रेस सचिव अमित मंटू और एसई नरेश महाजन उपस्थित थे।