उन्होंने आग पर काबू पाना शुरू कर दिया लेकिन वह कामयाब नहीं हो सके। आग की लपटें देख आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए। किसी ने इसकी जानकारी फायर ब्रिगेड को दी। फायर अफसर राजिंदर कुमार ने बताया कि सुबह जैसे ही फोन आया तो छह गाड़ियां वहां भेजी गईं। छह गाड़ियों ने चक्कर लगाकर करीब 25 गाड़ियां पानी डाला और पांच घंटे के बाद आग पर काबू पाया। उन्होंने कहा कि फैक्टरी के अंदर सारा माल जलकर राख हो गया। फैक्टरी मालिकों का लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि आशंका है कि आग शार्ट सर्किट की वजह से ही लगी हो।
भारत-पाक सीमा पर लगी आग, 10 एकड़ गेहूं की फसल जली
उधर, पठानकोट में भारत-पाक सीमा पर बाड़ से 150 मीटर दूरी पर ताशपत्तन चेक पोस्ट के पास गेहूं की खड़ी फसल में आग लग गई। इससे 10 एकड़ के करीब फसल जलकर राख हो गई। हालांकि, सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने समय रहते किसानों और स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया।
जानकारी के मुताबिक भारत-पाक सीमा स्थित ताशपत्तन में गेहूं की फसल की कंबाइन से कटाई की जा रही थी। इसी दौरान एक चिंगारी निकली, जिससे गेहूं की फसल जलने लगी। तेज चल रही हवा के कारण आग भी तेजी से फैली और 10 एकड़ फसल को चपेट में ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर सीमा सुरक्षा बल की 121 वाहिनी पहाड़ीपुर के कंपनी कमांडर राजीव रंजन, ताशपत्तन बीएसएफ पोस्ट कमांडर राजेश्वर मिश्रा, उपनिरीक्षक राजकुमार अपने 20 जवानों के साथ पहुंचे।
जवानों और किसानों ने 50 मिनट की जद्दोजहद के बाद आग पर काबू पाया। बीएसएफ जवानों ने आसपास की सैकड़ों एकड़ फसल को बचा लिया। जानकारी के मुताबिक किसान सुरजन सिंह, बचन सिंह, कश्मीर सिंह, बहादुर सिंह, फौजा सिंह और गुरमुख सिंह की फसल जली हैं। सभी किसान गांव बड़माल जट्टां के रहने वाले हैं। स्थानीय लोगों और किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।