बैंक में जमा कराए पैसे में ही ज्यादा गड़बड़ी
पहले बैंक और सीएचबी परिसर में किराया जमा होता था, जहां से रसीद मिलती थी। ये गलतियां इसी दौरान हुई हैं। चालान में गलत जानकारी भरने या फिर बोर्ड कर्मचारी की ओर सेकी गई गलती से ऐसा हुआ है। बोर्ड के अधिकारियों का दावा है कि ऐसे किसी मामले की जानकारी मिलते ही वह तुरंत अपडेट कर देते हैं लेकिन कई लोग ऐसे हैं, जो पिछले करीब एक साल से राशि अपडेट कराने के लिए चक्कर लगा रहे हैं। कई बार पत्र लिख चुके हैं।
पहला मामला: मलोया स्मॉल फ्लैट-634/1 में रहने वाले बालकेश ने बताया कि उन्होंने जुलाई 2020 में 6400 रुपये किराया जमा किया लेकिन आज तक वह सीएचबी की वेबसाइट पर अपडेट नहीं हुआ है। अपडेट कराने के लिए तीन बार पत्र लिख चुके हैं। पहली बार 22 जनवरी 2021 को पत्र लिखकर सीएचबी में देकर आए, उसके बाद 17 नवंबर 2021 और 14 मार्च 2022 को पत्र लिखकर सीएचबी में देकर आए हैं कि इस राशि को अपडेट कराया जाए लेकिन आज तक राशि अपडेट नहीं हुई है।
दूसरा मामला: धनास के स्मॉल फ्लैट नंबर-228ए में रहने वाले इंदरपाल ने बताया कि उन्होंने हमेशा समय से मकान का किराया जमा कराया है लेकिन सीएचबी की वेबसाइट पर दिख रहा है कि हमने 7380 रुपये नहीं जमा कराया है। पर्चियों का मिलान किया तो पता चला कि तीन पर्चियां ऐसी हैं, जो सीएचबी की वेबसाइट पर नहीं दिख रही हैं। इंदरपाल ने कहा कि 10 महीने पहले से वह कोशिश कर रहे हैं कि इन पर्चियों को अपडेट किया जाए और इस पर लग रहे ब्याज को खत्म किया जाए लेकिन कई बार दफ्तर जाने के बाद ही स्थिति जस की तस है।
अगर किसी व्यक्ति के पास कोई रसीद है, जो ऑनलाइन खाता विवरण में नहीं दिख रही है तो वह पत्र लिखकर रसीद हाउसिंग बोर्ड के रिसेप्शन पर जमा करा सकता है। बोर्ड उस राशि को रसीद पर अंकित दिन के तहत ही वेबसाइट पर अपडेट करेगा और फिर ब्याज की राशि भी ठीक कर दी जाएगी। हम अलॉटी पर किसी भी तरह की कार्रवाई करने से पहले उन्हें पूरा मौका देंगे, ताकि वह बता सकें कि उन्होंने कितना पैसा अब तक जमा कराया है। इसके अलावा अलॉटी के अपने आकलन के अनुसार जितनी राशि बनती है, वह जमा करवा सकता है। हाउसिंग बोर्ड अपना रिकॉर्ड ठीक कर लेगा। -यशपाल गर्ग, सीईओ, चंडीगढ़