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Ropar News: जैक लगाकर घर को ऊंचा कर रहे थे मजदूर, अचानक गिरा दो मंजिला मकान, चार की गई जान

Fri, 19 Apr 2024 10:34 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, रोपड़ (पंजाब)

सार

रोपड़ की प्रीत कॉलोनी में पुराने मकान को रिपेयर करवाने के लिए लेंटर ऊपर उठाने का काम करवाया जा रहा था। इस इलाके में सड़कें ऊंची और मकान नीचे होने के कारण पानी घरों के अंदर घुसता था। इसी कारण मकान ऊंचा करने के लिए जैक से लेंटर उठाया जा रहा था। अचानक हादसा हो गया।
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रोपड़ में हादसा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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पंजाब के रोपड़ शहर की प्रीत कॉलोनी में गुरुवार दोपहर को एक मकान का लेंटर गिरने से मलबे में दबे चार मजदूरों की मौत हो गई है। एक मजदूर अब भी मलबे में दबा है। हादसा दोपहर तीन बजे हुआ था। मकान को ऊंचा उठाने के लिए जैक का इस्तेमाल किया जा रहा था तो अचानक दो मंजिला मकान गिर गया। देर रात तक मजदूरों को बाहर निकालने का काम जारी था।
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धमाके की आवाज सुनकर लोग इकट्ठा हो गए। देर शाम सात बजे पांच घंटों की मशक्कत के बाद दो मजदूर को जिंदा बाहर निकाला जा सका था। उन्हें सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। वहीं एक मजदूर मलबे में मृत हालत में मिला। मलबे से बाहर निकाले दो मजदूरों में से पीजीआई रेफर किये गए एक मजदूर की भी मौत हो गई। सुबह तक दो और मजदूरों ने भी दम तोड़ दिया था। एक मजदूर अभी मलबे में दबा है।

मजदूरों की पहचान रमेश फोरमैन, काका, साहिल, अभिषेक, निजामिन के रूप में हुई है और सभी मजदूर गांव कलसी हरियाणा के रहने वाले हैं। घटना की सूचना मिलते ही प्रकाशन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहीं डीसी प्रीति यादव, एसएसपी गुलनीत सिंह खुराना, डॉ. मनू विज, एसडीएम व नगर कौंसिल अधिकारी और फायर बिग्रेड अधिकारी ने भी घटनास्थल का मुआयना किया।

घटना से दो सेकेंड पहले ही मजदूर अली राम पानी पीने के लिए बाहर निकला था कि पीछे से मकान गिर गया और वह बच गया। अली राम ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ एक अप्रैल से काम पर लगे हुए हैं। रोजाना की तरह वह अपना काम काम कर रहे थे और वह ईंट पकड़ा रहे थे। उन्होंने बताया कि तीन बजे के करीब साथी रमेश, काका, साहिल, अभिषेक व जिमामिन मकान में काम कर रहे थे। अचानक मकान गिरने के बाद अंधेरा छा गया।
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1984 में बना था मकान
मजदूर ने बताया कि तीन फीट के करीब मकान ऊपर उठा लिया गया था। ईंट लगाकर दीवार का काम किया जा रहा था। यह मकान 1984 में बनाया था। साथ में ही नया मकान बनाने के बाद मालिक उसमें रहने लगे थे। जो पुराना मकान था उसको रिपेयर करवाने के लिए लेंटर ऊपर उठाने का काम करवा रहे थे। इस इलाके में सड़कें ऊंची और मकान नीचे होने के कारण पानी घरों के अंदर घुसता था। इसी कारण मकान ऊंचा करने के लिए जैक से लेंटर उठाया जा रहा था।
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