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Punjab: गडवासू के स्टाफ को UGC स्केल, आबकारी विभाग में 18 नए पदों को मंजूरी, पढ़ें- कैबिनेट के अहम फैसले

Wed, 17 May 2023 04:23 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर/चंडीगढ़ (पंजाब)

सार

सीएम भगवंत मान ने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक में माल पटवारी के ट्रेनिंग की समयावधि डेढ़ साल के बजाय एक साल करने का फैसला लिया गया है। साथ ही उनकी ट्रेनिंग की समयावधि को भी अब प्रोबेशन पीरियड में गिना जाएगा।
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सीएम भगवंत मान और सांसद सुशील रिंकू। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में बुधवार को जालंधर में पंजाब कैबिनेट की बैठक में गुरु अंगद देव वेटरिनरी साइंसेज यूनिवर्सिटी (गडवासू) के टीचिंग और नान-टीचिंग स्टाफ के लिए सातवां वेतन आयोग (यूजीसी स्केल) लागू करने की मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही कैबिनेट ने राज्य में पटवारियों की ट्रेनिंग की समयावधि डेढ़ साल से घटाकर एक साल करने, कराधान एवं आबकारी विभाग में एसएएस काडर के 18 पद सृजित करने, 582 सिविल वैटरिनरी अस्पतालों में फार्मासिस्टों और सफाई सेवकों जैसे सर्विस प्रोवाइडरों का कार्यकाल 31 मार्च 2024 तक बढ़ाने के प्रस्तावों पर भी मुहर लगा दी। एक अन्य फैसले के तहत पटियाला के सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज, अस्पताल और फार्मेसी कॉलेज को होशियारपुर की गुरु रविदास आयुर्वेद यूनिवर्सिटी से जोड़ने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।

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जालंधर के पीएपी कॉम्पलेक्स में हुई कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि गडवासू के टीचिंग व नॉन-टीचिंग स्टाफ के लिए यूजीसी स्केल लागू करने का उद्देश्य यूनिवर्सिटी के स्टाफ को अपनी ड्यूटी के प्रति उत्साहित करना है। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी का स्टाफ लंबे समय से सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग कर रहा था। टीचिंग स्टाफ के लिए यूजीसी स्केल लागू करने पर सालाना 20 करोड़ रुपये और नान-टीचिंग स्टाफ पर 10 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

मान ने बताया कि कैबिनेट ने पंजाब रेवेन्यू पटवारी (ग्रुप-3) सेवा नियम 1966 को रद्द करने के साथ ही पंजाब रेवेन्यू पटवारी (ग्रुप-3) सेवा नियम 2023 के मसौदे को भी मंजूरी दे दी। इस फैसले से नए पटवारी अपने प्रोबेशन पीरियड के दौरान ही ट्रेनिंग पूरी कर सकेंगे। नए नियमों के मुताबिक, पटवारियों की ट्रेनिंग की अवधि डेढ़ साल से घटाकर एक साल कर दी गई है। पटवारियों की अब 9 महीने की पटवार स्कूल ट्रेनिंग और तीन महीने की फील्ड ट्रेनिंग होगी।

एसएएस काडर के 18 पद सृजित करने की मंजूरी
कैबिनेट ने कराधान एवं आबकारी विभाग में एसएएस काडर के 18 पद सृजित करने की मंजूरी दे दी है। इस विभाग का मुख्य कार्य जीएसटी, वैट, एक्साइज और अन्य टैक्स एकत्रित करना है। यह विभाग सालाना लगभग 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व एकत्रित करता है लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद विभाग को दो कमिश्नरेट- पंजाब टैक्सेशन कमिश्नरेट और पंजाब एक्साइज कमिश्नरेट में बांट दिया गया था। ऐसे में विभाग के लेखा संबंधी कामकाज को सुचारू करने के लिए एसएएस कॉडर के पद सृजित किए गए हैं। इस फैसले के तहत, विभाग के वित्त एवं लेखा सेक्शन में एक अतिरिक्त निदेशक, एक डिप्टी कंट्रोलर, दो सहायक कंट्रोलर और 14 सेक्शन अफसरों समेत कुल 18 पद मंजूर हुए हैं।
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पटियाला का सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज अब रविदास यूनिवर्सिटी से संबद्ध
कैबिनेट ने पटियाला के सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज, अस्पताल और सरकारी आयुर्वेदिक फार्मेसी पटियाला को गुरु रविदास आयुर्वेद यूनिवर्सिटी (होशियारपुर) से जोड़ने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इस फैसले से दोनों कॉलेजों में आयुष से संबंधित अन्य आधुनिक कोर्स शुरू किए जा सकेंगे। इसके अलावा इस फैसले से राज्य में आयुर्वेद और होम्योपैथी की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को क्लीनिकल शोध, औषधीय पौधों के बारे में शोध, दवाओं की टेस्टिंग लैब और अन्य सहूलियतों में भी मदद मिलेगी।

वेटरिनरी अस्पतालों में सर्विस प्रोवाइडरों के कार्यकाल बढ़ा
कैबिनेट ने राज्य के 582 सिविल वेटरिनरी अस्पतालों में वेटरिनरी फार्मासिस्टों और सफाई सेवकों जैसे सर्विस प्रोवाइडरों के कार्यकाल में एक अप्रैल 2023 से 31 मार्च, 2024 तक वृद्धि को मंजूरी दे दी है। यह फैसला भी लिया गया है कि मानदेय में समानता लाने के लिए इन सभी सर्विस प्रोवाइडरों को डीसी रेट मुहैया किए जाएं। उल्लेखनीय है कि सरकार ने इन 582 सिविल वेटरिनरी अस्पतालों (ग्रामीण वेटरेनरी अफसरों के मंजूर पदों सहित) को ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के अधीन जिला परिषद के प्रबंधन से हटाकर वापस पशु पालन, मछली पालन और डेयरी विकास विभाग के अधीन कर दिया था।

चार कैदियों की जल्द रिहाई संबंधी केस भेजने को मंजूरी
कैबिनेट ने राज्य की जेलों में उम्रकैद की सजा भुगत रहे चार कैदियों की जल्द रिहाई केस भेजने की इजाजत दे दी है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद के 163 अधीन कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद सजा में छूट/जल्द रिहाई के यह केस समीक्षा/मंजूरी के लिए भारतीय संविधान की धारा 161 के अधीन पंजाब के राज्यपाल को भेजे जाएंगे।
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