डेंटल सर्जन और एचसीएस भर्ती की मास्टर चाबी हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) के उप सचिव अनिल नागर के हाथ में थी। यह खुलासा नागर ने विजिलेंस पूछताछ में किया है। डेंटल सर्जन की लिखित परीक्षा में नंबर बढ़ाने के लिए लाखों रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार एचसीएस अनिल नागर और उसके सहयोगियों से कई घंटे पूछताछ चली।
नागर ने बताया कि वह अश्वनी के साथ मिलकर शीट निकालकर स्कैनिंग करता था। इसके बाद अंक बढ़ाने के खेल को अंजाम देने के बाद री-स्कैनिंग करता था। हरियाणा विजिलेंस ब्यूरो के डीएसपी सरीफ सिंह ने बताया कि यह पता लगाया जा रहा है कि नागर किसकी शह पर आयोग की भर्तियों में नंबर बढ़ाने के लिए पैसे लेता था। पैसा किस-किस को जाता था, इसकी भी कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। जांच अधिकारी नागर से यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि उनके सिर पर किसका हाथ है।
जांच अधिकारियों ने नागर के करीबियों, जानकारों व मोबाइल पर अधिक बात करने वालों को सूचीबद्ध कर पूछताछ के लिए बुलाना शुरू कर दिया है। नागर के जब्त मोबाइल फोन, कॉल डिटेल समेत बरामद किए गए दस्तावेजों के आधार पर विजिलेंस की जांच आगे बढ़ रही है।
शुक्रवार को मामले की जांच कर रहे एसपी हिमांशु गर्ग, डीएसपी सरीफ सिंह व उनकी टीम ने नागर के दोस्तों और सगे संबंधियों से गहन पूछताछ की। कुछ अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इनमें एचपीएससी के कुछ कर्मचारी व अधिकारी भी शामिल हैं। विजिलेंस का मानना है कि अकेला अधिकारी इतनी बड़ी रकम और इतना बड़ा फर्जीवाड़ा नहीं कर सकता है।