अनुसूचित जाति सब-प्लान को प्रभावी ढंग से तैयार कर लागू करने के लिए पंजाब मंत्रिमंडल ने प्रस्तावित ‘पंजाब राज्य अनुसूचित जातियों का विकास एवं कल्याण’ (योजना, निर्धारण और वित्तीय संसाधनों का उपयोग) उप-आवंटन अध्यादेश-2022 की रूपरेखा को मंजूरी दे दी है। नया कानून अनुसूचित जातियों के सब-प्लान (एससी एसपी) को प्रत्येक स्तर पर लागू करने संबंधी पारदर्शिता और जिम्मेदारी को सुनिश्चित करेगा।
मंत्रिमंडल ने कानूनी सलाहकार द्वारा तैयार और सत्यापित अध्यादेश के मसौदे को विभाग के सामने दोबारा पेश करने के बजाय स्वीकृत करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है। पंजाब में अनुसूचित जातियों की आबादी का प्रतिशत 31.94 है, जो सभी राज्यों की अपेक्षा अधिक है। पंजाब सरकार की ओर से राज्य में अनुसूचित जातियों के सामाजिक, आर्थिक और शिक्षा के विकास के लिए अनुसूचित जातियां सब-प्लान के तहत विभिन्न विभागों द्वारा अनेक योजनाएं लागू की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि इन योजनाओं को असरदार ढंग से लागू करने के लिए राज्य सरकार द्वारा एक्ट बनाने का फैसला किया गया है। इस संबंध में एक अध्यादेश पंजाब के राज्यपाल को मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। इस एक्ट के अनुसार राज्य के बजट से अनुसूचित जातियों की जनसंख्या की प्रतिशतता के बराबर की राशि अनुसूचित जातियों के विकास के लिए निर्धारित की जाएगी।
निर्माण श्रमिकों को 3-3 हजार की अंतरिम वित्तीय राहत
पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को अंतरिम वित्तीय राहत के तौर पर प्रति श्रमिक 3-3 हजार रुपये दिए जाने के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता में हुई पंजाब कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। पंजाब भवन में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक के दौरान, कैबिनेट ने केवल उन्हीं निर्माण श्रमिकों को अंतरिम वित्तीय राहत देने का फैसला लिया है, जो पंजाब बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड (बीओसीडब्ल्यू) के साथ पंजीकृत हैं। राज्य सरकार का मानना है कि कोविड-19 के कारण पैदा हुई चुनौतीपूर्ण स्थिति के मद्देनजर कई स्थानों पर जारी निर्माण प्रोजेक्टों की प्रगति या तो रुक गई है या अस्थायी तौर पर धीमी पड़ गई है। इससे राज्य भर में निर्माण कार्यों की रोजाना की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। बहुत से निर्माण श्रमिकों की रोजी-रोटी भी प्रभावित हुई है। इसके अलावा कोरोना की तीसरी लहर के संभावित खतरे को देखते हुए सरकार ने नए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं।
फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टरों के 2000 पद सृजित करने की मंजूरी
राज्य के बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर जुटाने के साथ-साथ सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की अच्छी सेहत सुनिश्चित करने के लिए पंजाब मंत्रिमंडल ने स्कूल शिक्षा विभाग के भर्ती डायरेक्टोरेट द्वारा 29200 रुपये प्रति माह के वेतनमान के साथ फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर (पीटीआई) के 2000 पद सृजित करने की मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि इन नए सृजित पदों को भरने की प्रक्रिया चरणबद्ध ढंग से शुरू की जाएगी। इसके अलावा उपरोक्त पदों को सृजित करने के लिए सालाना 70.08 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ पड़ेगा। इन नई नियुक्तियों को उनके तीन साल के प्रोबेशन के दौरान लागू वेतनमान का न्यूनतम वेतन प्रदान किया जाना है, इसके लिए पहले तीन साल के लिए 210.24 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ पड़ेगा।